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मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने पर अड़ीं ममता, लंबी सियासी और कानूनी लड़ाई के दिए संकेत

West Bengal poll Results: ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट आवास पर नवनिर्वाचित तृणमूल विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में कथित तौर पर कहा कि भाजपा ने चुनाव लूट लिया।

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इस्तीफा नहीं देंगी ममता

Mamamta Banerjee: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बावजूद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार करने के एक दिन बाद बुधवार को ममता बनर्जी ने अपना राजनीतिक रुख और सख्त कर लिया। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने उनके इस फैसले को विधानसभा चुनाव परिणामों में कथित हेरफेर के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताया और आने वाले समय में लंबी राजनीतिक व कानूनी लड़ाई के संकेत दिए।

ममता ने कहा- भाजपा ने चुनाव लूट लिया

ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट आवास पर नवनिर्वाचित तृणमूल विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में कथित तौर पर कहा कि भाजपा ने चुनाव लूट लिया। उन्होंने कहा कि पार्टी मतगणना के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी। इस बैठक में अभिषेक बनर्जी और अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। बैठक में पार्टी की भविष्य की रणनीति, संगठनात्मक पुनर्गठन और जिम्मेदारियों के बंटवारे पर भी चर्चा हुई। 2011 में सत्ता में आई तृणमूल की इस चुनाव में करारी हार के बाद यह बैठक हुई।

पार्टी नेताओं के अनुसार, बैठक में ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि तृणमूल गड़बड़ करके हासिल किए गए जनादेश का राजनीतिक रूप से विरोध करेगी। उन्होंने कथित तौर पर कहा, अगर वे राष्ट्रपति शासन लगाना चाहते हैं, तो लगा दें। अगर वे मुझे बर्खास्त करना चाहते हैं, तो कर दें। इसे एक काले दिन के रूप में दर्ज होने दीजिए।

पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल सात मई को समाप्त

संवैधानिक विशेषज्ञों के अनुसार, तकनीकी रूप से वर्तमान पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल सात मई को समाप्त हो जाएगा। तब तक ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनी रहेंगी। लेकिन विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होते ही वह स्वतः मुख्यमंत्री पद से हट जाएंगी, चाहे उन्होंने औपचारिक रूप से इस्तीफा दिया हो या नहीं। तृणमूल प्रमुख ने पार्टी में असंतोष और संगठनात्मक समस्याओं को देखते हुए अनुशासन समिति बनाने की भी घोषणा की।

इस्तीफा न देना प्रतीकात्मक कदम- कुणाल घोष

तृणमूल प्रवक्ता और बेलियाघाट से नवनिर्वाचित विधायक कुणाल घोष ने कहा कि इस्तीफा न देना लोकतंत्र में विरोध की भाषा है और यह प्रतीकात्मक कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने मतगणना के दौरान 100 से अधिक सीट पर कथित रूप से परिणामों में हेरफेर की। हालांकि, भारत निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतगणना स्थापित प्रक्रिया और कड़ी निगरानी में की गई थी।

भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिससे पश्चिम बंगाल में तृणमूल के 15 साल के शासन का अंत हो गया। तृणमूल को इस चुनाव में 80 सीटों पर जीत मिली। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए तृणमूल पर जनादेश स्वीकार न करने का आरोप लगाया। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने घोषणा की कि नौ मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

बैठक में कई विधायकों के नहीं पहुंचने की खबर

वहीं, कुछ विधायकों के मीटिंग में नहीं आने की खबर को लेकर टीएमसी ने स्पष्टीकरण दिया है। एआईटीसी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मीडिया में अटकलें लगाई गईं कि कुछ विधायक आज की बैठक में नहीं आए। कृपया ध्यान दें, अनुपस्थित सभी विधायकों ने अपनी अनुपस्थिति की सूचना पहले ही दे दी थी या उनमें से कुछ को, विशेष रूप से उत्तर बंगाल क्षेत्र के विधायकों को, बैठक में न आने के लिए कहा गया था। सागरदिघी विधायक के सामने पारिवारिक मेडिकल स्थिति थी। बीरभूम में काजल एसके को चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए रुकने को कहा गया था।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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