पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए राज्य में सियास पारा हाई है। जहां एक ओर भाजपा के सभी बड़े नेता एक के बाद एक राज्य का दौरा कर रहे हैं और सूबे को नई-नई परियोजनाओं की सौगात दे रहे हैं, वहीं राज्य में सत्ताधारी पार्टी टीएमसी भी पीछे नहीं है। ममता बनर्जी वोटरों को साधने के लिए जमीन आसमान एक किए दे रही हैं। रैली और जनसभाओं के बीच ममता बनर्जी ने लोगों को लुभाने के लिए एक बड़ा एलान कर दिया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि ROPA-2009 के तहत लंबित महंगाई भत्ता (DA) का बकाया मार्च 2026 से देना शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पुजारियों और मुअज्जिनों को दिए जाने वाले मासिक मानदेय में इजाफा करने का एलान किया है। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट करके इस बात की जानकारी दी है।
सरकार के मुताबिक, इस फैसले का लाभ राज्य के लाखों कर्मचारियों, पेंशनरों और शिक्षण संस्थानों से जुड़े स्टाफ को मिलेगा। इसमें स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और अनुदानित संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं।
राज्य सरकार ने कहा कि उसकी सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों से किया गया वादा पूरा किया है। इसी के तहत पंचायत, नगरपालिका और अन्य स्थानीय निकायों के कर्मचारियों तथा पेंशनरों को भी इस फैसले का फायदा मिलेगा।
वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, DA के बकाया का भुगतान तय प्रक्रिया और चरणबद्ध तरीके से मार्च 2026 से शुरू होगा। इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस फैसले से बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलेगी, जिनका लंबे समय से DA बकाया लंबित था।
पुजारियों और मुअज्जिनों का मानदेय भी बढ़ाया
बता दें कि पश्चिम बंगाल में राज्य के पुजारियों और मुअज्जिनों को सरकार द्वारा अभी तक 500 रुपये महीने का मानदेय दिया जाता रहा है, जिसे अब सीएम ममता ने बढ़ाने का एलान कर दिया है। उनकी नई घोषणा के मुताबिक अब यह मानदेय 500 से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।
ममता बनर्जी ने क्या लिखा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में सीएम ममता बनर्जी ने लिखा कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पुरोहितों और मुअज़्ज़िनों को दिए जाने वाले मासिक मानदेय में ₹500 की वृद्धि की गई है, जिनकी सेवा हमारे समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखती है। इस संशोधन के साथ, उन्हें अब प्रति माह ₹2,000 प्राप्त होंगे। साथ ही, सभी नए कर्मचारियों के लिए भी यही नियम लागू होगा।
