केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग (ECI) में आंतरिक मतभेदों को लेकर जारी विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चुनाव आयोग, विशेषकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC), से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर "मजबूती से अपना पक्ष रखें" ताकि चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के मन में उठ रहे संशय को दूर किया जा सके।
'जनता का विश्वास बनाए रखना सबसे जरूरी'
पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग पर जनता का भरोसा बना रहना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "अगर चुनाव आयोग पर इस तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं, तो मुझे लगता है कि यह चुनाव आयोग और खासतौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी है कि वे मजबूती से अपना पक्ष रखें। विपक्ष क्या कहता है, मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता क्योंकि राजनीति करना उनका काम है। लेकिन चुनाव आयोग को जनता का विश्वास बनाए रखना होगा, क्योंकि अगर चुनावी प्रक्रिया को लेकर ही जनता के मन में संदेह पैदा होता है, तो यह गलत होगा। ऐसे में आयोग को अपनी बात साफ तौर पर रखनी चाहिए ताकि कोई भ्रम न रहे।"
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक खोजी रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्ष आयोग पर हमलावर है। रिपोर्ट के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों पर पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कम से कम 14 मौकों पर औपचारिक रूप से अपनी असहमति जताई थी।
विपक्ष का हमला और इस्तीफे की मांग
इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। इससे पूर्व गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे "वोट चोरी, कानून चोरी और संस्था चोरी" करार दिया था और इसे देश के खिलाफ कृत्य बताया था।
