Gyanesh Kumar News: हालिया मीडिया रिपोर्टों को आधार बनाते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
याचिका की मुख्य मांगें और आरोप
याचिका में कहा गया है कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) की सहमति के बिना लिए गए थे। जनहित याचिका के माध्यम से बिना बहुमत या सहमति के लिए गए सभी फैसलों को गैर-कानूनी घोषित करने और मूल फॉर्म 6 (Form 6) प्रक्रिया को पुनः शुरू करने की गुहार लगाई गई है।
13 करोड़ वोटरों के नाम हटाने की जांच
याचिका में विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर इस बात की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है कि देशभर में मतदाता सूची से कथित तौर पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम किस आधार पर और कैसे हटाए गए। इसके सा ही जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियों और कर्तव्यों के कथित उल्लंघन के आरोप में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग और चुनाव आयोग की आईटी हेड सीमा खन्ना के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट में दाखिल इस याचिका के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कानूनी बहस और तेज हो गई है।
