Badlapur incident : बदलापुर में दो बच्चियों के साथ हुए यौन उत्पीड़न के खिलाफ महाविकास अघाड़ी के नेताओं ने शनिवार को पुणे में विरोध प्रदर्शन किया। घटना के विरोध में राकांपा और एमवीए के नेताओं ने अपने हाथ में काली पट्टी बांध रखी थी और बारिश के दौरान भी इन्होंने अपना प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि 'ऐसा कोई भी दिन नहीं है जब महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटना न होती है। सरकार को इस घटना को गंभीरता से लेना चाहिए। सरकार कह रही है कि विपक्ष इस पर राजनीति कर रहा है। इसे राजनीति कहना असंवेदनशील है।'
महाराष्ट्र की छवि खराब हुई है-पवार
पुणे में मौन प्रदर्शन में शामिल हुए पवार ने कहा कि यदि सरकार सोचती है कि विपक्ष बदलापुर की घटना पर राजनीति कर रहा है तो वह असंवेदनशील है। राकांपा (एसपी) प्रमुख पवार ने कहा, ‘बदलापुर की घटना से देश में महाराष्ट्र की छवि खराब हुई है।’ राकांपा (एसपी) विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी (एमवीए) का एक घटक दल है, जिसमें कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) भी शामिल है। शरद पवार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी की भूमि पर ऐसी घटना हुई है, जो महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले अपराधियों के हाथ काट देते थे। पुणे रेलवे स्टेशन पर हो रहे मौन प्रदर्शन में पवार, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस नेताओं के साथ बारामती की सांसद सुप्रिया सुले भी शामिल हुईं। सुले ने कहा कि राज्य में बदलापुर यौन शोषण मामले जैसी कई घटनाएं सामने आई हैं।
भाजपा ने एमवीए के खिलाफ मौन प्रदर्शन किया
उन्होंने आरोप लगाया, ''सरकार संवेदनहीन है। क्या ऐसी घटना का विरोध करना गलत है? पुणे में मादक पदार्थ मामले का आरोपी हिरासत से बच रहा है, खून के सैंपल बदले जा रहे हैं (पोर्श दुर्घटना मामला), कोयटा गैंग सक्रिय है।'' इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी यहां महाविकास आघाडी (एमवीए) के खिलाफ मौन प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर शहर में प्रदर्शन किया। भाजपा की पुणे इकाई के अध्यक्ष धीरज घाटे ने कहा, ‘उच्च न्यायालय के आदेश ने बदलापुर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के विरोध में महाराष्ट्र बंद करने के एमवीए के आह्वान को विफल कर दिया।’ उन्होंने कहा कि भाजपा एमवीए के पाखंड को उजागर करने के लिए प्रदर्शन कर रही है।
कोर्ट ने महाराष्ट्र बंद का आह्वान करने से रोक दिया
ठाणे जिले के बदलापुर स्थित एक स्कूल में एक सफाईकर्मी ने चार साल की दो बच्चियों का कथित यौन उत्पीड़न किया था, जिसके विरोध में मंगलवार को वहां बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ था। हजारों लोगों ने सड़कों और रेल की पटरियों को अवरुद्ध कर दिया था तथा इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) ने बच्चियों के कथित यौन उत्पीड़न के विरोध में 24 अगस्त को पूरे राज्य में बंद का आह्वान किया था। हालांकि, बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राजनीतिक दलों या व्यक्तियों को 24 अगस्त या आगे की किसी तारीख पर प्रस्तावित महाराष्ट्र बंद का आह्वान करने से रोक दिया था।
