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लखनऊ से कटरा और मुंबई समेत इन 6 रूटों के लिए चलेगी वंदे भारत, जल्द मिलेंगी 6 ट्रेनें

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Dec 6, 2023, 01:13 PM IST

Vande Bharat Train: जिन रूटों के लिए लखनऊ से वंदे भारत के लिए मंजूरी मिली है, उसमें- पटना, मुंबई, पुरी, कटरा, देहरादून और मेरठ शामिल हैं। रेलवे ने लखनऊ से देहरादून और लखनऊ से पटना तक के रूट का सर्वे का काम भी पूरा कर लिया है।

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वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

Photo : Twitter

Vande Bharat Train: यूपी की राजधानी लखनऊ वालों के लिए खुशी भरी खबर है। लखनऊ वालों को जल्द ही 6 नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मिलने जा रही हैं। इन ट्रेनों को संचालन अलग-अलग शहरों के लिए किया जाएगा। रेलवे की योजना के मुताबिक, 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले इन ट्रेनों को संचालन शुरू किया जा सकता है।

जिन रूटों के लिए लखनऊ से वंदे भारत के लिए मंजूरी मिली है, उसमें- पटना, मुंबई, पुरी, कटरा, देहरादून और मेरठ शामिल हैं। बता दें, केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले सप्ताह ही लखनऊ से मेरठ के लिए वंदे भारत चलाने का ऐलान किया था। अब इन ट्रेनों को चलाने की तैयारी तेज कर दी गई है।

गोमतीनगर से मिलेगी कटरा, मुंबई और पुरी के लिए ट्रेन

अधिकारियों के मुताबिक, छह नए वंदे भारत में लखनऊ के गोमतीनगर से कटरा, पुरी और मुंबई के लिए वंदे भारत एक्सप्रसे ट्रेन का संचालन शुरू होगा। इसके अलावा नई दिल्ली से वाराणसी के लिए एक और वंदे भारत चलाई जा सकती है। बता दें, अभी इस रूट पर एक वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है। हालांकि, मांग बढ़ने के बाद रेलवे ने दूसरी वंदे भारत को चलाने का सर्वे भी पूरा कर लिया है।

पटना और देहरादून तक का सर्वे पूरा

रेवले ने लखनऊ से पटना तक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने के लिए सर्वे पूरा कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, यह ट्रेन लखनऊ से सुल्तानपुर होकर पटना तक चलेगी। इसके साथ ही रेलवे बोर्ड को इस ट्रेन का रै भी आवंटित हो चुका है। हालांकि, ट्रेन संचालन की तारीख का ऐलान नहीं किया गया है, माना जा रहा है कि जल्द ही रेलवे इसको लेकर नोटिफिकेशन जारी कर सकता है। इसी तरह लखनऊ से देहरादून के लिए वंदे भारत चलाने के लिए भी सर्वे पूरा कर लिया गया है। यह सर्वे मुरादाबाद मंडल रेलव की ओर से किया गया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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