बच्चों की बेहतर सेहत के लिए घर में करें ये 5 बदलाव, पेड्रियाटिशियन की सलाह

पेरेंट्स यह मानते हैं कि घर के अंदर बच्चे प्रदूषण, धूल और कीटाणुओं से पूरी तरह सुरक्षित हैं, हालांकि, बाल रोग विशेषज्ञ इससे इत्तेफाक नहीं रखते। पीडियाट्रिशियन्स का मानना है कि कई बार घर की अंदरूनी हवा और वातावरण भी बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।

Authored by: Suneet SinghUpdated Oct 4 2026, 13:12 IST
​घर के अंदर की एयर क्वालिटी में सुधार​Image Credit : IStock01 / 07

​घर के अंदर की एयर क्वालिटी में सुधार​

घर के भीतर का प्रदूषण बच्चों में अस्थमा, एलर्जी और सांस से जुड़ी समस्याओं का बड़ा कारण बन सकता है। इससे बचाव के लिए घर में वेंटिलेशन का ध्यान रखना जरूरी है। सुबह के समय खिड़कियां खोलकर ताजी हवा आने दें। इसके अलावा, रसोई में खाना बनाते समय एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें और घर के अंदर धूम्रपान या तेज अगरबत्ती जलाने से बचें।

​केमिकल प्रोडक्ट्स का सीमित इस्तेमाल​Image Credit : IStock02 / 07

​केमिकल प्रोडक्ट्स का सीमित इस्तेमाल​

घरों में फर्श, बर्तन और कपड़े साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाले कई डिटर्जेंट और फिनाइल में हानिकारक केमिकल्स होते हैं। ये बच्चों की त्वचा और फेफड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि बच्चों वाले घरों में प्राकृतिक या प्लांट-बेस्ड क्लीनिंग प्रोडक्ट्स का प्रयोग करें, जिनमें सिंथेटिक सुगंध और तेज केमिकल न हों।

​नमी और फंगस से बचाव​Image Credit : IStock03 / 07

​नमी और फंगस से बचाव​

सीलन और नमी वाली जगहों पर फंगस या मोल्ड बहुत तेजी से पनपते हैं। जब बच्चे ऐसी हवा में सांस लेते हैं, तो उन्हें लगातार खांसी, छींक और त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है। सीलन वाली जगहों की समय पर मरम्मत कराएं और उन हिस्सों को सूखा रखें।

​प्लास्टिक और टॉक्सिक बर्तनों से दूरी​Image Credit : IStock04 / 07

​प्लास्टिक और टॉक्सिक बर्तनों से दूरी​

प्लास्टिक के बर्तन, बोतलें और टिफिन बॉक्स में गर्म खाना या दूध डाला जाता है, तो ये रसायन भोजन में घुल जाते हैं। बच्चों के लिए हमेशा स्टेनलैस स्टील, कांच या बीपीए-फ्री सिलिकॉन बर्तनों का ही चुनाव करें।

​नियमित सफाई और डस्ट माइट्स का नियंत्रण​Image Credit : IStock05 / 07

​नियमित सफाई और डस्ट माइट्स का नियंत्रण​

बच्चों की बेडशीट और तकिए के कवर को हर हफ्ते गर्म पानी में धोएं। इसके साथ ही, बच्चों के मुलायम खिलौनों की भी नियमित रूप से सफाई करते रहें।

​प्राकृतिक रोशनी और हरियाली को बढ़ावा​Image Credit : IStock06 / 07

​प्राकृतिक रोशनी और हरियाली को बढ़ावा​

घर में सूरज की धूप बैक्टीरिया को भी खत्म करती है। इसके अलावा, घर में इनडोर प्लांट्स जैसे स्नेक प्लांट या मनी प्लांट लगाएं। ये पौधे हवा को प्राकृतिक रूप से शुद्ध करने में मदद करते हैं और घर के माहौल को तरोताजा बनाए रखते हैं।

​छोटे बदलाव बड़ा अंतर​Image Credit : IStock07 / 07

​छोटे बदलाव बड़ा अंतर​

बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए घर के वातावरण को सेहतमंद बनाना सबसे पहला कदम है। इन आसान और व्यावहारिक बदलावों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके माता-पिता अपने बच्चों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और तनावमुक्त जीवन दे सकते हैं।

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