कल यानि कि सोमवार को लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होगी। लोकसभा में इसे स्पेशल डिस्कशन के तौर पर लिस्ट किया गया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर मॉनसून सत्र के पहले दिन से हंगामा कर रहा है, विपक्ष की मांग थी कि इस मुद्दे पर चर्चा हो। संसद का पहला सप्ताह इसी के कारण हंगामे की भेंट चढ़ गया था।
सरकार और विपक्ष आमने सामने
सोमवार को पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी पार्टियां, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े इन दो मुद्दों पर आमने-सामने होंगे। भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और विपक्षी दलों द्वारा लोकसभा और राज्यसभा में इस चर्चा के दौरान अपने शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन मुद्दों पर बोलेंगे, ऐसे संकेत हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और कई अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाल सकते हैं।
संसद में होगी 16 घंटे बहस
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और अन्य मुद्दों पर विपक्ष के विरोध के कारण सत्र का पहला सप्ताह लगभग बेकार चला गया था, जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 25 जुलाई को कहा था कि विपक्ष सोमवार को लोकसभा में और मंगलवार को राज्यसभा में पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा शुरू करने पर सहमत हो गया है। दोनों पक्षों ने प्रत्येक सदन में 16 घंटे की मैराथन बहस के लिए सहमति व्यक्त की है।
