देश

LS Polls के लिए BJP की रणनीतिः पसमांदा मुसलमान पर जोर और एक-एक वोट टारगेट, जानिए क्या है पूरा प्लान

  • Authored by: अमित कुमार
  • Updated Jul 14, 2023, 01:14 AM IST

Lok Sabha Elections 2024: प्रस्तावित यात्रा के दौरान पसमांदा मुसलमानों को यह भी बताया जाएगा कि कैसे इनका राजनीतिक फायदा उठाया गया है, पर इनके फायदे के लिए पुरानी सरकारों ने कोई काम नहीं किया है।

Image

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Photo : iStock

Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अल्पसंख्यकों (खासकर पसमांदा मुसलमान) को साधने के लिए खास रणनीति बनाई है। पार्टी का मकसद इन लोगों तक केंद्र सरकार की योजना पहुंचाना है। बीजेपी इसके साथ ही इन्हें अपने पक्ष में करना चाहती है, जिसके लिए भाजपा का अल्पसंख्यक मोर्चा "पसमांदा स्नेह संवाद यात्रा" चालू करने का प्लान बना रहा है। ऐसा बताया गया कि पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइलमैन एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि 27 जुलाई के मौके पर इस यात्रा की शुरुआत की जाएगी।

बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रमुख जमाल सिद्दीकी ने टाइम्स नाऊ नवभारत को बताया कि पसमांदा स्नेह संवाद यात्रा को लेकर तैयारी की जा रही है। इस यात्रा का मुख्य लक्ष्य पसमांदा मुसलमानों में मोदी सरकार के प्रति विश्वास और भरोसा पैदा करना है। यात्रा के दौरान बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा पसमांदा समाज को यह बताएगा कि मोदी सरकार में अल्पसंख्यकों के साथ कोई भेदभाव नहीं होता। मोदी सरकार की योजना का लाभ सभी धर्म-जाति और समुदायों को मिलता है।

सूफियों के जरिए बीजेपी 2024 में एक-एक अल्पसंख्यक वोट पर टारगेट करेगी। बीजेपी की नज़र उन वोट पर भी है, जो पार्टी के परंपरागत वोटर नहीं रहे हैं। वैसे, पीएम नरेंद्र मोदी खुद पसमांदा मुस्लिम को बीजेपी से जोड़ने की बात कह चुके हैं। उन्होंने तेलंगाना में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ऐसा कहा था। साथ ही पसमांदा मुस्लिम सहित सूफी समाज को भी पार्टी से जोड़ने की अपील की थी।

इस बीच, सूफियों को पार्टी के साथ जोड़ने की कड़ी में पार्टी राष्ट्रीय मुख्यालय में दिल्ली सूफी चैप्टर की बैठक हुई। अल्पसंख्यक मोर्चा के मीडिया प्रभारी सैयद यासिर अली जिलानी का कहना है कि पार्टी ने दिल्ली सूफी चैप्टर को अधिक से अधिक सूफियों को पार्टी से जोड़ने की जिम्मेदारी दी है। वहीं, पार्टी का मानना है कि उनका सूफियों के माध्यम से मोदी सरकार की योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा। साथ ही साथ 2024 के आम चुनाव के लिए अधिक से अधिक लोगों तक संपर्क कर मुसलमानों तक पहुंचा जा सकता है।

पार्टी की यह भी कोशिश है कि मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में भी पार्टी को उन बूथों पर जहां एक भी वोट नहीं मिलते हैं, वहां कम से कम कुछ वोट हासिल हो सकें। इस बीच, सूत्रों की मानें तो दिल्ली में ओखला विधानसभा के बाटला हाउस बूथ पर पार्टी को एक भी वोट नहीं मिलता था, पर हालिया निकाय चुनाव (MCD) में जिस तरह से बीजेपी ने पसमांदा और सूफियों के माध्यम से चुनावी रणनीति बनाई तो इस बूथ पर कुछ वोट हासिल हुए थे। बीजेपी अब यही रणनीति लोकसभा सीट पर भी आजमाना चाहती है।

यूसीसी पर भी पार्टी कर रही है चर्चा

बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा समान नागरिक संहिता को लेकर भी चर्चा कर रही है। साथ ही कोशिश कर रही है कि इसको लेकर भ्रम दूर किया जाए। सिद्दकी का कहना है कि देश में एक बैंक योजना और ब्याज की नीति को मुस्लिम समाज ने अपनाया। उनका कहना है कि यूसीसी मुस्लिम समाज के हित में है।
अमित कुमार
अमित कुमारauthor

20 साल का टीवी पत्रकारिता का अनुभव। झूठ , फरेब और तमाशे पर नहीं सिर्फ खबर पर नज़र। राजनीतिक खबरों पर पहली पकड़। देश की राजनीति समझनी है तो आइए मेरे साथ

और पढ़ें
End of Article