Rahul Gandhi Leaves For Hathras: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजन से शुक्रवार सुबह अलीगढ़ में मुलाकात की। राहुल गांधी सुबह दिल्ली से सड़क मार्ग से हाथरस के लिए रवाना हुए। उनके साथ कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष अजय राय, पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रभारी अविनाश पांडे, पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद हैं। कांग्रेस नेता सुबह करीब 7.15 बजे अलीगढ़ के पिलखना गांव पहुंचे। यहां राहुल ने हाथरस हादसे के पीड़ितों से मुलाकात की और उनका दर्द सुना। इस दौरान किसी से गले मिले तो किसी का हाथ थाम लिया। उन्होंने इत्मीनान से परिजनों का दर्द सुना। इसके बाद राहुल गांधी हाथरस के विभव नगर इलाके में पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।
राहुल बोले, अधिकतम मुआवजा दिया जाए
भगदड़ के पीड़ितों से मिलने के बाद लोकसभा में कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, यह एक दुखद घटना है। कई लोग मारे गए हैं। मैं इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं कहना चाहता लेकिन ऐसा हुआ है। प्रशासन की ओर से कमियां हैं और महत्वपूर्ण बात यह है कि अधिकतम मुआवजा दिया जाना चाहिए क्योंकि वे गरीब परिवार हैं। मैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से खुले दिल से मुआवजा देने का अनुरोध करता हूं। मैंने मृतक के परिवार के सदस्यों से व्यक्तिगत बातचीत की और उन्होंने मुझे बताया कि कोई पुलिस व्यवस्था नहीं थी।
मारे गए 17 लोग अलीगढ़ से थे
पुलिस के अनुसार दो जुलाई को भगदड़ की घटना में जान गंवाने वाले 123 लोगों में से 17 अलीगढ़ से थे और 19 लोग हाथरस से थे। राय ने बताया कि राहुल सुबह करीब 5.10 बजे दिल्ली से हाथरस के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने राहुल गांधी के दिन भर के कार्यक्रम का ब्योरा साझा करते हुए कहा कि राहुल गांधी अलीगढ़ के पिलखना में हाथरस कांड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह हाथरस के नवीपुर खुर्द के पास ग्रीन पार्क और विभव नगर में पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।
अलीगढ़ में पीड़ितों से की मुलाकात
राहुल गांधी सबसे पहले अलीगढ़ पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। लोकसभा नेता राहुल गांधी के दौरे के बाद, एक शोक संतप्त परिवार के एक सदस्य ने कहा कि राहुल ने हमसे कहा कि वह पार्टी की मदद से हमारी मदद करेंगे। उन्होंने हमसे पूछा कि सब कुछ कैसे हुआ।
अब तक 123 की मौत
उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव रतीभानपुर में आयोजित भोले बाबा के सत्संग में मंगलवार को अचानक भगदड़ मच गई थी। भगदड़ में अब तक 123 लोगों की मौत हुई है। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को हाथरस पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपने मंत्रियों और सांसद से पूरी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और फिर अस्पतालों में घायलों से मुलाकात करने पहुंचे।
गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में मुख्य सेवादार और उसके अन्य सहयोगियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में भोले बाबा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को हाथरस पहुंचकर हादसे में घायल लोगों से अस्पताल में मुलाकात की और घटनास्थल का जायजा भी लिया। संवाददाताओं ने उनसे पूछा कि मुकदमे में भोले बाबा को अभियुक्त क्यों नहीं बनाया गया? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, जिन लोगों ने कार्यक्रम के लिए अनुमति का आवेदन दिया था, प्रथम दृष्ट्या पहले मुकदमा उनके खिलाफ होता है। उसके बाद फिर उसका दायरा बढ़ता है। जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार होंगे, वे इसके दायरे में आएंगे।
जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग गठित
मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस मामले की न्यायिक जांच के लिये बुधवार को तीन सदस्यीय आयोग गठित किया गया है जो दो महीने में जांच पूरी करके रिपोर्ट देगा। इस आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव करेंगे। आयोग के दो अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हेमंत राव और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी भावेश कुमार सिंह शामिल हैं।
