कोलकाता: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अराजकता से मैं हैरान हूं। इससे साफ पता चलता है कि यूपी में कानून व्यवस्था खत्म हो गई है। गूंडों के हाथों में कानून आ गया है। यह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि हमारे संवैधानिक लोकतंत्र में इस तरह के गैरकानूनी कृत्यों का कोई स्थान नहीं है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि मैं उत्तर प्रदेश में बेशर्म अराजकता और कानून व्यवस्था के पूरी तरह से ध्वस्त होने से स्तब्ध हूं। यह शर्मनाक है कि अपराधी अब पुलिस और मीडिया की मौजूदगी से बेफिक्र होकर कानून अपने हाथ में ले रहे हैं। इस तरह के गैरकानूनी कृत्यों के लिए हमारे यहां संवैधानिक लोकतंत्र कोई जगह नहीं है।
उत्तर प्रदेश के झांसी में एकाउंटर में अतीक अहमद के बेटे असद के मारे जाने के कुछ दिनों बाद, माफिया से नेता बने उनके भाई अशरफ अहमद शनिवार को प्रयागराज में मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय मारे गए। अतीक अहमद 2005 में बीएसपी विधायक राजू पाल की हत्या और इस साल फरवरी में बीएसपी नेता की हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या का आरोपी था।
गिरोह के सरगना से राजनेता बने और उसके भाई की मीडिया की चकाचौंध में गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद शनिवार रात जल्दबाजी में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस को सूचित किया गया कि कम से कम तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रयागराज में गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या करने के बाद गिरफ्तार किए गए तीनों हमलावरों को आज मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
तीनों हमलावरों के स्वेच्छा से आने के बाद उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया। उन्हें पुलिस की हिरासत में रखा गया है और पूछताछ की जा रही है। कानून के मुताबिक इस तरह से पकड़े गए किसी भी अपराधी को 24 घंटे के अंदर रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होता है।
