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एचके लोहिया को दी गई आखिरी श्रद्धांजलि, फफक फफक कर रोते हुए मां ने पूछा- उसका क्या कसूर था?

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  • Updated Oct 5, 2022, 06:36 PM IST

एचके लोहिया (HK Lohia) जम्मू के उदयवाला इलाके में एक घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। रिपोर्ट के मुताबकि उनके दोस्त के घरेलू नौकर ने उनकी हत्या कर दी। हर एंगल से इसकी जांच की जा रही है।

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एचके लोहिया को दी गई आखिरी विदाई

Photo : ANI

जम्मू: पुष्पांजलि समारोह के दौरान डीजी जेल एचके लोहिया को आखिरी श्रद्धांजलि दी गई। कथित तौर पर उनकी हत्या उसके दोस्त के घरेलू नौकर ने कर दी थी। जब उनकी हत्या की गई उस समय वह अपने दोस्त के घर पर थे। एचके लोहिया (HK Lohia) की मां परमेश्वरी लोहिया मीडिया के सामने फफक फफक रो पड़ीं और उन्होंने पूछा कि उसका क्या कसूर था?

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने बताया कि कारागार महानिदेशक एचके लोहिया की हत्या के मामले में जांच के दौरान कोई आतंकी पहलू सामने नहीं आया है। एचके लोहिया सोमवार और मंगलवार की रात जम्मू के उदयवाला इलाके में एक घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे और पुलिस ने उनकी हत्या के संदिग्ध आरोपी यासिर अहमद को गिरफ्तार कर लिया। अहमद डीजी जेलों का हाउसहेल्पर था जो करीब 6 महीने से लोहिया के घर पर काम कर रहा था और कुछ दस्तावेज सबूतों के अनुसार वह काफी आक्रामक और डिप्रेशन में था। पुलिस ने उस दस्तावेज को जब्त किया जिससे पता चलता है कि उसकी मानसिक स्थिति सही नहीं थी।

एडीजीपी मुकेश सिंह ने मंगलवार को बताया कि लोहिया की मौत की घटना की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रामबन निवासी एक घरेलू नौकर यासिर अहमद मुख्य आरोपी है। घटना स्थल से एकत्र किए गए सीसीटीवी फुटेज में उसे अपराध करने के बाद भागते हुए दिखाया गया है। सिंह ने कहा कि आरोपी से पूछताछ अभी जारी है, इस मामले में उसके खुलासे की क्षेत्रीय जांच से पुष्टि हो रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी अहमद ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने मंगलवार को कहा कि लोहिया पिछले कुछ दिनों से अपने दोस्त के यहां रह रहे थे, जब अहमद ने कमरे में उन पर हमला किया (किसी बीमारी में मदद करने के बहाने) जब दोनों साथ थे।

डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि आरोपी ने अंदर से दरवाजा बंद कर लोहिया पर कई बार धारदार हथियार से हमला किया और दम घुटने की कोशिश भी की। लोहिया को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रात भर चली एक बड़ी तलाशी के बाद पकड़ लिया था।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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