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वह अपने पीछे परिवार में पत्नी और इन्हीं दो बच्चों को छोड़ गए। 52 साल के लोहिया 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और मूल रूप से नॉर्थ ईस्ट के असम के रहने वाले थे। लोहिया को अगस्त में केंद्रशासित प्रदेश के जेल महानिदेशक के रूप में पदोन्नत और नियुक्त किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, लोहिया की मंगलवार (चार अक्टूबर, 2022) को जम्मू में हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सीनियर आईपीएस अधिकारी का गला कटी लाश कथित तौर पर जम्मू में उनके घर पर मिली। इस वारदात के बाद से टॉप अधिकारी का नौकर फरार है। पुलिस को उस पर शक है।
पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने इसे "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" घटना करार दिया। साथ ही कहा कि जसीर नामक घरेलू सहायक को पकड़ने के लिए तलाश अभियान शुरू किया गया है, जो फरार है। सिंह की ओर से कहा गया संदिग्ध ने लोहिया के शव को आग लगाने का भी प्रयास किया।
पुलिस प्रमुख बोले- घटनास्थल की प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि लोहिया ने अपने पैर में कुछ तेल लगाया होगा जिसमें कुछ सूजन दिखाई दे रही थी। हत्यारे ने पहले लोहिया को गला घोंटकर मौत के घाट उतारा और फिर उनके गले को काटने के लिए केचप की टूटी हुई बोतल का इस्तेमाल किया था। बाद में शव को आग लगाने की कोशिश की। अधिकारी के आवास पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने लोहिया के कमरे के अंदर आग देखी और उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण इसे तोड़ दिया।कौन है द रेजिस्टेंस फोर्स जिसने जम्मू कश्मीर डीजी जेल की हत्या की ली जिम्मेदारी
लाश को चिकित्सकीय-कानूनी औपचारिकताओं के लिए भेजा गया, जबकि यह मामला स्पष्ट रूप से एक हत्या का लग रहा है। पुलिस सूत्रों की ओर से यह भी कहा गया कि यह आतंक से संबंधित घटना नहीं है। वैसे, इस वारदात की जिम्मेदारी टीआरएफ नाम के संगठन ने ली है।
