Lalu Yadav Files nomination: राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद ने सोमवार को पार्टी के शीर्ष पद पर फिर से चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। लगभग तीन दशक पहले इसकी स्थापना के बाद से वे पार्टी के अध्यक्ष हैं। 78 वर्षीय लालू प्रसाद उम्र और कई बीमारियों के कारण कमजोर हो गए हैं। वे अपने छोटे बेटे और उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव और पत्नी राबड़ी देवी के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे। राबड़ी देवी अपने पति के बाद बिहार की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं।
लालू की झलक पाने के लिए कार्यकर्ता रहे बेताब
बड़ी संख्या में आरजेडी कार्यकर्ता नेता की एक झलक पाने के लिए पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। तेजस्वी ने कहा कि लालू जी के कार्यकाल पूरा करने और एक और कार्यकाल के लिए तैयार होने पर पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। हमें विश्वास है कि उनका नेतृत्व हमें आने वाले दिनों में जीत की ओर ले जाएगा।
तेजस्वी को सीएम बनाना है लक्ष्य
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह पार्टी की राज्य परिषद की बैठक में प्रसाद ने आरजेडी कार्यकर्ताओं से तेजस्वी यादव को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने के संकल्प के साथ आगामी विधानसभा चुनावों में उतरने का आह्वान किया था। आरजेडी प्रवक्ता चित्तरंजन गगन, जो संगठनात्मक चुनावों के लिए सहायक रिटर्निंग ऑफिसर भी हैं, उनके अनुसार लालू प्रसाद के फिर से चुने जाने की औपचारिक घोषणा उचित समय पर की जाएगी। बता दें कि राष्ट्रीय जनता दल 1997 में प्रसाद द्वारा जनता दल में किए गए विभाजन के परिणामस्वरूप अस्तित्व में आया था।
राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद चुनाव को लेकर पार्टी के प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने रविवार को ही स्पष्ट संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि लालू प्रसाद यादव ही सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद के लिए चुने जाएंगे। सोमवार को औपचारिकता संपन्न हो जाएगी। राजद राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव नामांकन दाखिल करेंगे। हालांकि, उन्होंने इस बात का भी संकेत दिया कि बिहार विधानसभा चुनाव और उनके स्वास्थ्य को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए फिर से विचार किया जा सकता है।
दिलीप जायसवाल का निशाना
वहीं, बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने इसे 'पारिवारिक समारोह' का नाम दिया। दिलीप जायसवाल ने कहा, मैंने कई बार कहा है कि राष्ट्रीय जनता दल में लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव के अलावा कोई दूसरा नेता या मुख्यमंत्री नहीं बन सकता। इसलिए सोमवार का कार्यक्रम एक पारिवारिक समारोह से ज्यादा कुछ नहीं है।
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, चुनाव आयोग का हमेशा से यह लक्ष्य रहा है कि अपने अधिकार क्षेत्र में मतदाताओं को चुनाव के दौरान बेहतर सुविधाएं मिलें। इसीलिए हमने लोगों के घरों तक मतदाता पर्ची पहुंचाने और मतदाताओं को शिक्षित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने जैसी पहल देखी हैं। अब सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे प्रस्तावों से यह स्पष्ट है कि आयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ चुनाव कराने का प्रयास कर रहा है।
