उत्तर प्रदेश में हुए एक सड़क हादसे में जख्मी बच्चे के हाल पर लखनऊ की डिविजनल कमिश्नर डॉ.रोशन जैकब जज्बाती हो गईं। बुधवार (28 सितंबर, 2022) को बेड पर पड़े उस मासूम को देखकर उनकी आंखों से कई बार आंसू छलक आए। साड़ी के पल्लू से आंसू पोंछ वह अस्पताल के स्टाफ से जानकारी लेती रहीं और उन्होंने आगे पूछा कि आखिरकार इस बच्चे को अभी तक देखा क्यों नहीं गया? ड्यूटी के दौरान डॉ.जैकब की इस अप्रोच की सोशल मीडिया पर खासा तारीफ हो रही है। कुछ लोग तो यह तक कहने लगे कि आखिरकार हर आईएएस और आईपीएस इनके जैसा क्यों नहीं होता है।
समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से जारी की गई एक मिनट 40 सेकेंड की इस क्लिप में डॉ.जैकब स्टाफ से बात कर रही थीं, जबकि इस दौरान पीड़ित बच्चे की मां रो रही थी। उन्होंने इसके बाद बच्चे से बात करते हुए उसका हाल जानने की कोशिश की और फिर उनकी आंखों से आंसू निकल आए। वह बोलीं- देखिए कैसे लेटा है वह बच्चा। हिल भी नहीं पा रहा है। आपने अभी तक इनको देखा क्यों नहीं? देखिए, आगे क्या हुआः
लखीमपुर में बस और ट्रक की भिड़ंत, छह की गई जान
दरअसल, यह दुर्घटना लखीमपुर में बुधवार (28 सितंबर, 2022) को हुई थी। वहां बस और ट्रक में आमने-सामने की भिड़त में छह लोगों की जान चली गई, जबकि 15 लोग घायल हुए। पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के जनसम्पर्क अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि लखीमपुर खीरी जिले में ईसानगर थाना क्षेत्र के एरा पुल पर धौरहरा से लखनऊ जा रही बस और डीसीएम की आमने सामने की भीषण टक्कर हुई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद लखीमपुर खीरी में सड़क हादसे पर दु:ख जताया। उन्होंने शोक संतप्त परिजन के प्रति संवेदना जाहिर की और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए थे। उन्होंने इसके साथ ही घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की। यही नहीं, उन्होंने डीएम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर राहत कार्य को युद्धस्तर पर कराने के निर्देश दिए।
एक नजर में जानिए रोशन जैकब के बारे में
45 साल की डॉ.रोशन जैकब मूल रूप से केरल से ताल्लुक रखती हैं। वह 2004 बैच की आईएएस अफसर हैं, जिनके माता पिता केरल में सरकारी कर्मचारी थे। वह मां-बाप की इकलौती बेटी हैं। उन्होंने केरल विवि से इंग्शिल में एमए के बाद जेआरएफ निकाला और फिर पीएचडी (सर्विस में रहते हुए पूरी की) की।
डॉ.जैकब की शादी उनके बैचमेट डॉ.अरिंदम भट्टाचार्य से हुई, जिनसे उनके दो बच्चे (एक बेटी और बेटा) हैं। पति आईएफएस अफसर हैं, जो कि दिल्ली में विदेश मंत्रालय में तैनात बताए जाते हैं। वह बस्ती, गोंडा, कानपुर नगर, रायबरेली और बुलंदशहर की डीएम भी रह चुकी हैं।
