LGP Crisis Issue in Rajya Sabha: ईरान युद्ध संकट के बीच राज्यसभा में एलपीजी संकट को लेकर आज सियासी घमासान मचा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश में एलपीजी की कमी पर चिंता जताई और सरकार पर इस संकट और कालाबाजारी को रोकने के लिए पहले से कोई कदम न उठाने का आरोप लगाया। वहीं, केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जेपी नड्डा ने जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष संकट की स्थिति में सरकार के साथ खड़े होने के बजाय देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।
खरगे ने कहा- एलपीजी संकट ने पूरे देश में परेशानी पैदा की
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए, सदन में विपक्ष के नेता खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण पैदा हुए एलपीजी संकट ने पूरे देश में व्यापक परेशानी पैदा कर दी है। इससे गरीब और कमजोर वर्ग, मध्यम वर्ग, आम परिवार, रेस्तरां, छात्रावास और व्यावसायिक उपयोगकर्ता बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ा, तब सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए एक सलाह जारी की थी और तब से सरकार को पता था कि ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होगी।
इसके बावजूद कोई तैयारी नहीं की गई, जिसके परिणामस्वरूप देश के कई क्षेत्रों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इस संकट ने सरकार के दयनीय प्रबंधन और त्रुटिपूर्ण विदेश नीति को उजागर कर दिया है। खरगे ने आगे कहा कि कालाबाजारी में एलपीजी सिलेंडर 5,000 रुपये प्रति सिलेंडर तक की कीमत पर बिक रहे हैं।
सरकार को तत्काल सख्त कदम उठाने चाहिए
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर तत्काल सख्त कदम उठाने चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम जनता के साथ-साथ सभी छोटे व्यापारियों को भी किफायती दामों पर सिलेंडर उपलब्ध हों। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दावा किया था कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी थी, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है।
नड्डा का जवाब- अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही कांग्रेस
खरगे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि यह खेदजनक है कि संकट के इस दौर में भी विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पार्टी, इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। नड्डा ने कहा, वे देश के शांतिप्रिय लोगों को भड़का रहे हैं... संकट की स्थिति में, देश के साथ खड़े होने के बजाय, वे देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
