Ketan Agrawal Murder: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस आज आरोपी चेतन चौधरी को लेकर लोहागढ़ किले पहुंची और क्राइम सीन रीक्रिएट किया। इससे पहले पुलिस सिया गोयल को किले लेकर पहुंची थी और क्राइम सीन रीक्रिएट किया था। पुलिस अब जांचेगी कि सिया और चेतन के बयानों में कितनी समानता है। फिलहाल दोनों पुलिस हिरासत में हैं और पूछताछ जारी है।
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कड़ी सुरक्षा के बीच लोहगढ़ किले पर लाया गया
पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच मामले के मुख्य आरोपी चेतन चौधरी को बुधवार की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच लोहगढ़ किले पर लाया गया, जहां पुलिस ने करीब तीन घंटे तक पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रीक्रिएट किया। इस दौरान जांच टीम ने वारदात के हर चरण को दोबारा समझने की कोशिश की और यह परखा कि घटना को किस तरह अंजाम दिया गया था। जांच के दौरान पुलिस अपने साथ एक डमी पुतला भी लेकर किले के ऊपर घटनास्थल पर पहुंची थी।
चेतन से पूरा घटनाक्रम दोहराने को कहा
पुलिस ने चेतन से घटनास्थल पर वही पूरा घटनाक्रम दोहराने को कहा, जैसा उसने पूछताछ में बताया था। वारदात के दौरान पीड़ित को किस जगह खड़ा किया गया, किस दिशा में धक्का दिया गया और वह किस स्थान से नीचे गिरा, इन सभी पहलुओं को डमी पुतले की मदद से दोबारा जांचा गया। पुलिस ने डमी को उसी स्थान से नीचे फेंककर यह समझने की कोशिश की घटना के समय परिस्थितियां कैसी रही होंगी।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चेतन चौधरी का गेट (gait) एनालिसिस भी किया। जांच अधिकारियों ने यह देखा कि चेतन की चलने की शैली, शरीर की गतिविधियां और घटनास्थल पर उसकी मूवमेंट उन तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों से मेल खाती हैं या नहीं, जो अब तक जांच में सामने आए हैं। करीब तीन घंटे तक चली इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने किले के अलग-अलग हिस्सों में चेतन को ले जाकर उससे घटनाक्रम दोहराया। जांच टीम ने मौके पर मौजूद हर छोटे-बड़े पहलू का बारीकी से निरीक्षण किया और वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ सभी गतिविधियों को दस्तावे पर रेकॉर्ड किया।
सिया को लोहागढ़ किले ले गई पुलिस
28 जून को पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि सिया को लोहागढ़ किले में उस स्थान पर ले जाया गया, जहां से उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर अग्रवाल को धक्का देकर मार डाला था। बता दें कि सिया और चेतन चौधरी को केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने और पुणे जिले के लोहागढ़ किले से धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सिया ने कथित तौर पर पुलिस को बताया है कि वह केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी, इसलिए उसने चौधरी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची क्योंकि उसे लगा कि शादी रद्द करने से परिवार की बदनामी होगी।
ऑनलाइन खोजे थे केतन को मारने के तरीके
पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत की जांच कर रहे जांचकर्ताओं ने एक सुनियोजित हत्या की साजिश का खुलासा किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर घटना से कुछ दिन पहले लोहागढ़ किले में हत्या की पूर्वाभ्यास किया था। सिया गोयल और चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल को मारने के तरीके ऑनलाइन खोजे थे और यहां तक कि पुलिस की संभावित पूछताछ के लिए जवाब भी तैयार किए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, केतन अग्रवाल को मारने का पहला प्रयास कथित तौर पर 14 जून को किया गया था। इससे कुछ दिन पहले, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने लोहागढ़ किले में योजना को अंजाम देने के तरीके का अभ्यास किया था।
केतन की हत्या से पहले की थी रिहर्सल
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि हत्या के कथित प्रयास से चार से पांच दिन पहले, सिया और चेतन एक अन्य स्थान पर मिले थे और उन्होंने केतन अग्रवाल को किले से धक्का देने के तरीके का पूर्वाभ्यास किया था। जांच के अनुसार, दोनों ने लोहगढ़ के विभिन्न स्थानों के बारे में पहले ही जानकारी जुटा ली थी और कथित तौर पर योजना को अंजाम देने के बारे में विस्तार से चर्चा की थी।
