Ketan Agarwal Lohagadh Fort Murder: महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान नीचे गिरने से हुई बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब पूरी तरह से ठंडे दिमाग से रची गई 'क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी' (साजिश) का रूप ले चुका है। पुलिस हिरासत में मौजूद केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके सीक्रेट लवर चेतन से हुई कड़ी पूछताछ के बाद जो टाइमलाइन और खुलासे सामने आए हैं, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। केतन को रास्ते से हटाने के लिए लवर्स की इस जोड़ी ने एक या दो नहीं, बल्कि लगातार तीन बार हत्या की ऐसी साजिशें रची थीं जो ऐन वक्त पर नाकाम हो गईं।
ट्रेकिंग के शौक को बनाया 'डेथ ट्रैप', 31 मई को पहली कोशिश
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सिया ने पूछताछ में कुबूल किया है कि वह जानती थी कि केतन को पहाड़ों पर ट्रेकिंग और एडवेंचर का बेहद शौक है। इसी शौक का फायदा उठाकर उन्होंने केतन की हत्या को एक प्राकृतिक हादसा या एक्सीडेंटल फॉल (पैर फिसलकर गिरना) दिखाने का फुलप्रूफ प्लान तैयार किया। 31 मई को सिया पहली बार केतन को लेकर लोहागढ़ किले की एक बेहद सुनसान चट्टान पर पहुंची। प्लान था कि वहां से उसे धक्का दे दिया जाए, लेकिन लोगों की मौजूदगी या हिम्मत न जुटा पाने के कारण सिया उस दिन नाकाम रही।
4 जून की दूसरी नाकामी और 'बाली' ट्रिप का पासपोर्ट कांड
31 मई का प्लान फेल होने के बाद सिया और चेतन ने 1 जून को दोबारा मुलाकात की और 4 जून के लिए नया डेथ वारंट तैयार किया। लेकिन 4 जून को भी पारिवारिक दबाव और ऐन वक्त पर बदले हालातों के कारण सिया कामयाब नहीं हो सकी। इस बीच, 6 जून को केतन और सिया की बाली (इंडोनेशिया) की ट्रिप पहले से शेड्यूल थी। प्रेमी चेतन लगातार सिया पर दबाव बना रहा था कि वह केतन के साथ बाली न जाए।
इसी दबाव में आकर सिया ने एक ऐसा कदम उठाया जिससे केतन को उस पर गहरा शक हो गया। मुंबई एयरपोर्ट जाने के दौरान दोनों एक होटल में रुके। सिया ने बहाना बनाया कि उसका फोन कार में रह गया है। जैसे ही केतन वहां से हटा, सिया ने केतन का कीमती पासपोर्ट फाड़ डाला और उसे टॉयलेट कमोड में डालकर फ्लश कर दिया। पासपोर्ट नष्ट होने की वजह से बाली की इंटरनेशनल ट्रिप कैंसिल हो गई, जिससे केतन बेहद नाराज था और उसे धीरे-धीरे अहसास होने लगा था कि सिया ने यह जानबूझकर किया है। दोनों के बीच लगातार गंभीर झगड़े होने लगे थे।
14 जून को तीसरी बार चूकी मंगेतर; फिर हुआ कहानी में ट्विस्ट
बाली ट्रिप टूटने के बाद बिगड़े रिश्तों को सुधारने का बहाना बनाकर सिया 14 जून को केतन को तीसरी बार लोहागढ़ किले की उसी सुनसान चट्टान पर ले गई। यह हत्या का तीसरा प्रयास था, लेकिन इस बार भी सिया केतन को पूरी ताकत से धक्का देने में असमर्थ रही और प्लान फिर फेल हो गया।
'तुमसे नहीं हो पाएगा...'- जब प्रेमी खुद पहुंचा किले
लगातार तीन बार प्लान फेल होने से प्रेमी चेतन गुस्से और बौखलाहट से पागल हो उठा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 14 जून की नाकामी के बाद चेतन ने सिया को डांटते हुए कमान पूरी तरह अपने हाथ में ले ली। चेतन ने सिया से कहा, 'तुमसे यह काम नहीं हो पाएगा। अब नया प्लान 18 तारीख (18 जून) का है… केतन को मैं खुद मारूंगा!'
यह इस पूरी मर्डर मिस्ट्री का सबसे अहम और निर्णायक मोड़ था। इससे पहले की तीनों कोशिशों में सिया किले में अकेली जाती थी और चेतन दूर बैठकर केवल फोन पर निर्देश दे रहा था। लेकिन 18 जून के खूनी प्लान को अंजाम देने के लिए चेतन पहली बार खुद छुपते-छुपाते लोहागढ़ किले पहुंचा और दोनों ने मिलकर केतन को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस अब इस सनसनीखेज कबूलनामे के आधार पर घटना का सीन रीक्रेएट करने और अन्य सबूत जुटाने की तैयारी में है।
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