Kedarnath Dham Yatra 2023 Latest News: केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) के कपाट मंगलवार 25 अप्रैल को खुल रहे हैं गढ़वाल हिमालय की उंची पहाड़ियों खासतौर पर केदारनाथ में पिछले कुछ दिनों से बारिश तथा बर्फवारी होने के कारण उत्तराखंड सरकार ने रविवार को धाम के लिए श्रद्धालुओं का पंजीकरण (Kedarnath Yatra Registration) 30 अप्रैल तक रोक दिया और तीर्थयात्रियों से मौसम का पूर्वानुमान देखकर संभलकर यात्रा प्रारंभ करने का आग्रह किया है।
बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने के लिए केवल एक दिन का समय बचा है, लेकिन बीते दिनों हुई बारिश और बर्फ़बारी के कारण इस बार यात्रियों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि पूरी केदार घाटी बर्फ़ की सफेद चादर से ढक चुकी है।
बाबा केदार की डोली 24 अप्रैल को केदारनाथ पहुँचेगी
रविवार यानी 23 अप्रैल को बाबा केदार की डोली गौरीकुंड पहुँच रही है और सोमवार यानी 24 अप्रैल को गौरीकुंड से अपने धाम केदारनाथ पहुँचेगी, हालांकि इस बीच प्रशासन व्यस्वस्थाओं को ठीक करने में जुटा हुआ है साथ ही यात्रियों को ये सलाह दी है की मौसम साफ होने पर ही यात्रा शुरू करें
मौसम खराब है और हो रही है 'बर्फवारी'
गढ़वाल हिमालय की उंची पहाड़ियों खासतौर पर केदारनाथ में पिछले कुछ दिनों से मौसम खराब रहने तथा बर्फवारी होने के कारण वहां के लिए श्रद्धालुओं के पंजीकरण का काम रविवार को रोक दिया गया, केदारनाथ धाम के कपाट मंगलवार 25 अप्रैल को खुल रहे हैं । गढ़वाल मंडल के अपर आयुक्त (प्रशासन) एवं चारधाम यात्रा प्रशासन संगठन के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र सिंह कविरियाल ने बताया कि सरकार केदारनाथ धाम के लिए पंजीकरण को लेकर आने वाले दिनों में खराब मौसम एवं बर्फबारी की सतत समीक्षा करेगी और उसी के हिसाब से आगे यात्रियों तथा यात्रा के हित में समुचित निर्णय करेगी।
बार-बार जमने वाली बर्फ को साफ करने में दिक्कतें आ रही हैं
गढ़वाल हिमालय की उंची पहाड़ियों विशेषरूप से केदारनाथ धाम में लगातार बारिश और बर्फवारी का सिलसिला चल रहा है जिसके कारण वहाँ न केवल तापमान काफी नीचे आ गया है बल्कि पैदल रास्तों पर बार-बार जमने वाली बर्फ को साफ करने में दिक्कतें आ रही हैं ऐसी परिस्थितियों मे केदारनाथ धाम की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए काफी जोखिम भरी हो सकती है।
'चारधाम आने वाले सभी श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन है जरूरी '
हांलांकि, अन्य धामों जैसे-बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए श्रद्धालुओं के पंजीकरण का काम चल रहा है। बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को खुलेंगे जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट शनिवार को अक्षय तृतीया के पर्व पर खोले जा चुके हैं।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सभी धामों में दर्शनार्थियों की दैनिक सीमा तय किए जाने के निर्णय को वापस ले लिया था लेकिन उन्होंने साफ किया था कि चारधाम आने वाले सभी श्रद्धालुओं का पंजीकरण जरूरी है। चारधाम यात्रा के लिए अभी तक देश विदेश से 16 लाख से अधिक लोग अपने पंजीकरण करवा चुके हैं।
