आतंकवादी हमले की ये यह घटना कुलगाम के बेहिबाग इलाके में हुई, जहां आतंकवादियों ने मंजूर अहमद वागे और उनके परिवार पर गोलीबारी की उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, और वागे ने दम तोड़ दिया, जबकि उनकी पत्नी और बेटी की हालत स्थिर है। पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सेना की एक संयुक्त टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी।
इस घटना के बाद हमलावरों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया। सूत्रों ने बताया कि वागे को पेट में गोली लगी है, जबकि उनकी पत्नी और बेटी के पैर में चोटें आई हैं। एक अधिकारी ने बताया, 'तीनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां वागे ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। वरिष्ठ पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। तलाशी के लिए इलाके की घेराबंदी की गई है।'
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवादियों ने कुलगाम जिले में रहने वाले पूर्व सैनिक मंजूर अहमद वागे के घर पर हमला किया। आतंकवादी वागे, उनकी पत्नी और बेटी को गोली मारकर घने जंगलों की तरफ ओर भाग गए। वहीं, आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरों ने मंजूर अहमद वागे को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उनकी पत्नी और बेटी का इलाज जारी है।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लापता हुए सेना के एक जवान को रविवार को ढूंढ निकाला। एक अधिकारी ने बताया था कि एक महीने की छुट्टी के बाद ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए अनंतनाग जिले के चत्तेर्गुल गांव स्थित अपने घर से रंग्रेथ श्रीनगर जाते समय प्रादेशिक सेना का एक जवान लापता हो गया था, उसे रविवार को पुलिस ने ढूंढ निकाला।अधिकारी के अनुसार, सैनिक आबिद हुसैन भट पुत्र अब्दुल गनी को एक फरवरी को रंग्रेथ श्रीनगर में ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। सैनिक अपने ड्यूटी स्थल पर नहीं पहुंचा और उनका मोबाइल फोन भी बंद था। अधिकारियों ने बताया,'आज शाम पुलिस ने जवान को ढूंढा और उससे पूछताछ की जा रही है। इस पूरे मामले में आतंकवाद का कोई पहलू नहीं है।'
