कर्नाटक हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद धारवाड़ विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी की सदस्यता बहाल कर दी गई है। कर्नाटक विधानसभा सचिवालय ने 3 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना में कहा कि हाईकोर्ट द्वारा उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाए जाने के बाद उनके खिलाफ जारी अयोग्यता आदेश अब प्रभावी नहीं रहेगा। विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 2 मई 2026 को विनय कुलकर्णी के खिलाफ जारी की गई अयोग्यता की अधिसूचना अब निरस्त मानी जाएगी और उनकी विधानसभा सदस्यता बहाल हो गई है।
कर्नाटक विधानसभा की सचिव ने जारी की अधिसूचना
यह अधिसूचना कर्नाटक विधानसभा की सचिव एम.के. विशालक्षी की ओर से जारी की गई। इसकी प्रतियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), भारत निर्वाचन आयोग, संसद सचिवालय और अन्य संबंधित विभागों को भी भेज दी गई हैं। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने हाल ही में विनय कुलकर्णी की दोषसिद्धि पर अंतरिम रोक लगाई थी। इसी आदेश के आधार पर विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता बहाल करने का फैसला लिया। इस घटनाक्रम को कर्नाटक की राजनीति में कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
12 नए चेहरों को पहली बार बनाया गया मंत्री
इससे पहले सोमवार को अपने कार्यकाल का पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार करते हुए 20 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मंत्रिमंडल विस्तार को मंजूरी देने के बाद राजभवन में आयोजित समारोह में सभी नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही राज्य की मंत्रिपरिषद अब मुख्यमंत्री सहित संविधान द्वारा निर्धारित 34 सदस्यों की पूर्ण क्षमता तक पहुंच गई है। इस मंत्रिमंडल विस्तार में 12 नए चेहरों को पहली बार मंत्री बनाया गया है,जबकि 8 पूर्व मंत्री दोबारा कैबिनेट में शामिल किए गए हैं। नई टीम में गायत्री शांतिगौड़ा एकमात्र महिला मंत्री हैं।
नए मंत्रियों में पी. एम. नरेंद्रस्वामी, शिवराज तंगडगी, रुद्रप्पा लामानी, के. एस. बसवन्थप्पा, बी. नागेंद्र, टी. रघुमूर्ति, बी. जेड. जमीर अहमद खान, रिजवान अरशद, संतोष लाड, मधु बंगारप्पा, सी. पुट्टरंगशेट्टी, एस. एस. मल्लिकार्जुन, डॉ. अजय सिंह, एन. चालुवरायस्वामी, के. एम. शिवलिंगे गौड़ा, एच. सी. बालकृष्ण, गायत्री शांतिगौड़ा, बसवराज रायरेड्डी, विजयानंद काशप्पनावर और लक्ष्मण सावदी शामिल हैं।
