Karnataka Leadership Tussle: सिद्दारमैया बनाम शिवकुमार के बीच चल रहा सत्ता संघर्ष क्या समाप्त हो गया? या अभी कुछ दिनों का विराम लगा है? ऐसा इसलिए पूछा जा रहा है, क्योंकि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कुछ मंत्रियों सहित 30 से अधिक कांग्रेस नेताओं ने एकसाथ डिनर किया। इस बीच, मुख्यमत्री सिद्दारमैया का एक बयान भी सामने आया जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें दिल्ली नहीं बुलाया है।
सत्ता संघर्ष पर लगा विराम?
कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान के बीच ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि शीतकालीन सत्र के बाद सिद्दारमैया और शिवकुमार को आलाकमान के समक्ष बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया जाएगा। इसको लेकर सिद्दारमैया ने कहा कि आलाकमान ने उन्हें नहीं बुलाया है। सिद्दारमैया ने एक सवाल के जवाब में कहा, ''किसी ने नहीं बुलाया। आप लोग बेवजह पूछ रहे हैं। क्या आलाकमान ने आपको बताया? फिर क्यों पूछ रहे हैं कि 19 दिसंबर को मुझे बुलाया गया है?''
शिवकुमार संग 30 से ज्यादा विधायकों का डिनर
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कुछ मंत्रियों सहित 30 से अधिक कांग्रेस विधायकों ने गुरुवार देर रात डिनर पर मुलाकात की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में मंत्री के.एच. मुनियप्पा, मनकल वैद्य, डॉ. एम.सी. सुधाकर, विधायक एन.ए. हरि, रमेश बंदिसिद्देगौड़ा, एच.सी. बालकृष्ण, गणेश हुक्केरी, दर्शन ध्रुवनारायण, अशोक कुमार राय और के.वाई. नंजेगौड़ा सहित कई नेता उपस्थित थे।
सूत्रों ने यह भी बताया कि भाजपा से निष्कासित विधायक एस.टी. सोमशेखर और शिवराम हेब्बर भी डिनर में शामिल हुए। यह बैठक बेलगावी उत्तर के पूर्व विधायक फिरोज सैत द्वारा आयोजित रात्रिभोज में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उनके करीबी माने जाने वाले कुछ विधायकों के हिस्सा लेने के एक दिन बाद हुई। हालांकि, नेताओं ने इसे एक अनौपचारिक रात्रिभोज बैठक बताया है, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी में जारी खींचतान के बीच इस बैठक को लेकर अटकलें तेज हैं।
'कर्नाटक में नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं'
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बेटे यतींद्र ने गुरुवार को दोहराया कि राज्य में नेतृत्व में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य (MLC) ने कहा कि राज्य में सत्ता संघर्ष नहीं है। यतींद्र ने बेलगावी में पत्रकारों से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई खींचतान नहीं है। यह बात मैं आपको पहले ही बता चुका हूं। अब सब कुछ स्पष्ट है। आलाकमान ने साफ तौर पर कहा है कि फिलहाल नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं है।’’ इसी बीच, यतींद्र की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री सिद्दारमैया इसका जवाब देंगे।’
दोनों के बीच हुई थी ब्रेकफॉस्ट डिप्लोमेसी
सनद रहे कि कांग्रेस सरकार के 20 नवंबर को पांच वर्ष के कार्यकाल का आधा पड़ाव पूरा होने के साथ ही मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें लगने लगी थीं, क्योंकि ऐसा माना जा रहा था कि 2023 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद सिद्दारमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता-साझाकरण समझौता हुआ था। इस महत्वपूर्ण तारीख के गुजरने के बाद कांग्रेस में गतिविधियां तेज हो गईं। शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एक-दूसरे के घर नाश्ते पर मिले। इसे दोनों के बीच नेतृत्व खींचतान रोकने और विशेषकर बेलगावी विधानसभा सत्र से पहले सिद्दारमैया को फिलहाल मुख्यमंत्री पद पर बनाए रखने का संकेत माना गया।
