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सलमान खान को धमकी देने वाला शख्स कर्नाटक से गिरफ्तार, मांगी थी 5 करोड़ की फिरौती

Salman Khan News: कर्नाटक से गिरफ्तार आरोपी ने धमकी देते हुए कहा था कि अगर सलमान खान को अगर जिंदा रहना है, तो उसे हमारे मंदिर में जाकर माफी मांगनी चाहिए या पांच करोड़ रुपये देन चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करता है, तो हम उसे मार देंगे, हमारा गैंग अभी भी सक्रिय है।

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सलमान खान को धमकी देने वाला गिरफ्तार।

Salman Khan News: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को धमकी भरा मैसेज भेजने वाले आरोपी को मुंबई पुलिस ने कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने सलमान खान से पांच करोड़ की फिरौती की मांग की थी। एक अधिकारी ने बताया कि कर्नाटक के हावेरी के रहने वाले बीकाराम जलाराम बिश्नोई (35) को वर्ली पुलिस थाने की एक टीम ने पूछताछ के बाद बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।

अधिकारियों ने बताया कि मूल रूप से राजस्थान के जालौर के रहने वाले आरोपी बीकाराम बिश्नोई ने मुंबई यातायात पुलिस के नियंत्रण कक्ष की व्हाट्सएप हेल्पलाइन पर सोमवार रात एक धमकी भरा संदेश भेजा था। संदेश में कहा गया था, सलमान खान को अगर जिंदा रहना है, तो उसे हमारे मंदिर में जाकर माफी मांगनी चाहिए या पांच करोड़ रुपये देन चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करता है, तो हम उसे मार देंगे, हमारा गैंग अभी भी सक्रिय है।

लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर दी गई थी धमकी

मुंबई पुलि के अधिकारी के मुताबिक, संदेश भेजने वाले ने दावा किया कि वह जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ वर्ली पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान पता चला कि आरोपी भीकाराम जलाराम बिश्नोई कर्नाटक का रहने वाला है, जिसके बाद वर्ली पुलिस की एक टीम को उसे पकड़ने के लिए भेजा गया। बिश्नोई को मंगलवार देर रात पकड़ा गया और उससे पूछताछ के बाद वर्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि आरोपी को ट्रांजिट रिमांड के लिए स्थानीय अदालत में पेश किया गया और अब उसे मुंबई लाया जा रहा है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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