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कर्नाटक विधानसभा में हंगामा: डिप्टी स्पीकर की तरफ उछाले कागज; 10 BJP विधायक सस्पेंड

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 19, 2023, 06:10 PM IST

Karnataka Assembly: विधानसभा उपाध्यक्ष पर कागज फेंकने के आरोप में भाजपा विधायक सुनील कुमार, आर अशोक, सीएन अश्वथ नारायण, यशपाल आनंद सुवर्णा, डी वेदव्यास कामथ, अरविंद बेलाड, अरागा ज्ञानेंद्र, उमानाथ कोटियन, धीरज मुनिराजू और भरत शेट्टी वाई को इस सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है।

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कर्नाटक विधानसभा में हंगामा (स्क्रीन ग्रैब)

Karnataka Assembly: कर्नाटक विधानसभा में बुधवार का दिन काफी हंगामे भरा रहा। बिना लंच ब्रेक सदन की कार्यवाही जारी रखने के स्पीकर के निर्देश के बाद भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा काटा। इस दौरान डिप्टी स्पीकर रुद्रप्पा लमानी के आसन की तरफ कागज भी उछाले गए, जिसके बाद 10 भाजपा विधायकों को शेष विधानसभा सत्र से निलंबित कर दिया गया।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, विधानसभा उपाध्यक्ष पर कागज फेंकने के आरोप में भाजपा विधायक सुनील कुमार, आर अशोक, सीएन अश्वथ नारायण, यशपाल आनंद सुवर्णा, डी वेदव्यास कामथ, अरविंद बेलाड, अरागा ज्ञानेंद्र, उमानाथ कोटियन, धीरज मुनिराजू और भरत शेट्टी वाई को इस सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है।

लंच ब्रेक कैंसिल करने पर हुआ हंगामा

कर्नाटक विधानसभा में यह हंगामा तब हुआ, भाजपा और जनता दल (सेकुलर) के सदस्यों ने कांग्रेस सरकार पर अपने सहयोगी नेताओं के लिए 30 आईएएस अधिकारियों को तैनात करने का आरोप लगाया और हंगामा करने लगे। इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादेर यह कहकर चले गए कि सदन में भोजन अवकाश नहीं होगा और बजट एवं मांगों पर चर्चा जारी रहेगी, जिसके बाद उपाध्यक्ष रुद्राप्पा लमानी सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जो सदस्य भोजन करना चाहते हैं वे जा सकते हैं और फिर वापस आ जाएं। इस पर भाजपा ने कड़ी नाराज़गी जाहिर की विरोध के बीच और भोजन अवकाश के बिना सदन की कार्यवाही जारी रखने के अध्यक्ष के फैसले से खफा भाजपा सदस्य कुछ देर के लिए इकट्ठा हुए और फिर अचानक से आसन की तरफ कागज़ फेंकने लगे। इसके बाद उपाध्यक्ष ने कहा कि सदन की कार्यवाही इस तरह संचालित नहीं हो सकती, जिस पर भाजपा सदस्यों ने पूछा कि किस नियम के तहत भोजन अवकाश को रद्द किया गया है।

रात्रि भोज में विधानसभा अध्यक्ष के शामिल होने पर भी बना मुद्दा

भाजपा के सदस्यों ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया द्वारा सोमवार को यहां विपक्ष के नेताओं के लिए दिए गए रात्रि भोज में विधानसभा अध्यक्ष खादेर के शामिल होने का मुद्दा भी बार-बार उठाया। विरोध करते हुए भाजपा विधायकों ने सभापति की कुर्सी की तरफ कागज फेंकने शुरू कर दिए, जिसके बाद मार्शलों ने उन्हें घेर लिया। कांग्रेस विधायकों ने भाजपा के सदस्यों के अनुचित व्यवहार पर आपत्ति जताई जिसके बाद हंगामा हुआ और फिर उपाध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिन की शेष अवधि के लिए स्थगित कर दी।

(भाषा इनपुट के साथ)

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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