दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से मात दे दिया है। दतिया चुनाव नतीजों पर कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "उपचुनाव का कोई बहुत ज्यादा महत्व होता नहीं है। फिर भी हार-हार होती है और जीत-जीत होती है। हमारे प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि हम इन परिणामों पर चिंतन करेंगे।"
बांकीपुर चुनाव नतीजों पर क्या बोले
वहीं, उन्होंने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "मैं नितिन नवीन के चुनाव लड़ने के समय में वहां(बांकीपुर) गया था, वो नितिन नवीन की पर्सनल सीट थी, उनके व्यवहार की सीट थी। नितिन नवीन वहां नहीं लड़े तो वहां पर थोड़ा परिणाम गड़बड़ा गया। मुझे लगता है कि व्यक्ति आधारित सीटों में इस प्रकार की घटनाएं हो जाती हैं।"
चुनाव नतीजों पर क्या बोले जीतू पटवारी?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि ये ’’दतिया की जनता की जीत, 2028 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद और कांग्रेस नेताओं के सामूहिक प्रयास’’ का नतीजा करार दिया तो भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जनादेश को स्वीकार करते हुए कहा कि पार्टी इसकी समीक्षा करेगी और उसके निष्कर्षों के आधार पर कदम उठाएगी।
पटवारी ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ’’दतिया की जनता ने मध्यप्रदेश की भाजपा नीत सरकार के भ्रष्टाचार, आतंक और अहंकार के चेहरे को बेनकाब कर दिया है।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी दतिया की जनता का सदैव आभारी रहेगी, जिन्होंने मध्यप्रदेश में 2028 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद करते हुए बदलाव और भाजपा की विदाई की नींव रख दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उपचुनाव में जीत को पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम बताया और कहा कि वह दतिया की जनता का हृदय से अभिनंदन करते हैं क्योंकि उन्होंने सत्ता के दबाव में झुकने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, ’’यह जीत सिर्फ एक उपचुनाव की जीत भर नहीं है, बल्कि देश और प्रदेश की हवा में हो रहे बदलाव का संकेत है। हमारे नेता राहुल गांधी ने देश के छात्रों में जो जागृति पैदा की है, आज वह समाज के हर वर्ग को आंदोलित कर रही है।’’ कमलनाथ ने दावा किया भाजपा के कुशासन से समाज का हर वर्ग परेशान है और जनता अब इस भ्रष्ट शासन से मुक्ति चाहती है।
