देश

'जैसे मधुमक्खी फूल से शहद लेती है...'; UPI चार्ज पर सरकार के बचाव में उतरे NITI आयोग के VC,चाणक्य का किया जिक्र

NITI आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने UPI ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) लगाने के केंद्र के फैसले का बचाव किया है।

Image

NITI आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी (फाइल फोटो)

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने यूपीआई लेनदेन पर शुल्क (MDR) लगाने के केंद्र के फैसले का बचाव करते हुए बुधवार को कहा कि सरकार को बिना सब्सिडी दिए कारोबार क्षेत्र को टिकाऊ बनाए रखने के तरीके तलाशने होंगे।प्राचीन भारतीय दार्शनिक एवं आचार्य चाणक्य का उल्लेख करते हुए लाहिड़ी ने कहा था कि शासक को नागरिकों से उसी तरह कर लेना चाहिए, जैसे मधुमक्खी फूल से धीरे-धीरे शहद लेती है और उसे नुकसान भी नहीं पहुंचाती है।

उन्होंने कहा, 'इसलिए आपको बिना सब्सिडी दिए बिना कारोबार को टिकाऊ बनाए रखने के तरीके तलाशने होंगे।' लाहिड़ी ने एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, '100 रुपये के लेनदेन पर आप 40 पैसे का भुगतान करते हैं। वह भी बड़े लेनदेन पर... क्या इससे आपका कारोबार खत्म हो जाएगा? नहीं, लेकिन आपको कारोबार आत्मनिर्भर तरीके से करना होगा।'

यूपीआई भुगतान की व्यवस्था को बदलने का सरकार का फैसला

करीब छह साल तक पूरी तरह नि:शुल्क रहे यूपीआई भुगतान की व्यवस्था को बदलने का सरकार ने मंगलवार को फैसला लिया। नए नियमों के तहत 15 अक्टूबर से व्यापारियों को किए जाने वाले 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की गई। यह शुल्क व्यापारियों को देना होगा। हालांकि, रोजमर्रा के व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) लेनदेन और छोटे भुगतान को इस शुल्क से बाहर रखा गया है।

'यह कारोबार का हिस्सा है'

लाहिड़ी ने कहा, 'आप इसके आदी हो जाएंगे। उदाहरण के लिए, जब आप बैंक से चेक बुक लेते हैं तो उसके लिए थोड़ी राशि का भुगतान करते हैं। क्या इससे आपको परेशानी होती है? यह कारोबार का हिस्सा है।' 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (MDR) लगाने के फैसले का व्यापारियों, दुकानदारों और कुछ राजनीतिक दलों समेत कई वर्गों ने विरोध किया है। कुछ दलों ने इसे 'मोदी टैक्स' भी कहा है। सरकारी सूत्रों ने बुधवार को कहा कि एमडीआर लगाने का फैसला यूपीआई परिवेश के व्यापक हित में और इसकी सुरक्षा एवं मजबूती बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article