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Juma Namaz Sambhal: 1300 सीसीटीवी, 4000 जवान; संभल में अलविदा की नमाज पर प्रशासन की नजर

Juma Namaz Sambhal: संभल में अलविदा की नमाज के लिए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। जानकारी के अनुसार, अलविदा जुम्मे की नमाज के लिए चप्पे चप्पे पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है। किसी अनहोनी से बचने के लिए संभल के शहरी क्षेत्र में तकरीबन 1300 सीसीटीवी कैमरे लगाये गए है, जिनपर कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही है।

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संभल में अलविदा की नमाज के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिसबल तैनात

Photo : IANS

Sambhal: संभल में अलविदा जुम्मे की नमाज के लिए चप्पे चप्पे पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। इसमें संभल के सभी इलाकों में 10 कंपनियां पैरा मिलिट्री फोर्स जिनमें 7 कंपनियां PAC की और 3 कंपनी RRF तैनात हैं वहीं 1 कंपनी RAF फोर्स भी तैनात की गई है।

4 हजार से ज्यादा जवानों को किया गया तैनात

संभल के अकेले कोतवाली थाना क्षेत्र में तकरीबन 128 छोटी बड़ी मस्जिदें हैं जिनमें नमाज पढ़ी जाएगी। इनमें जामा मस्जिद भी शामिल है। लेकिन अगर पूरे संभल क्षेत्र के 3 पुलिस थानों के आंकड़े मिलाए तो थाना कोतवाली, थाना नखासा और थाना हयात नगर थाना क्षेत्र में तकरीबन 400 से ज्यादा छोटी बड़ी मस्जिदें हैं। कोतवाली क्षेत्र में 6 ईदगाह हैं इन सभी के धर्म गुरुओं के सम्पर्क में पुलिस और संभल प्रशासन अलविदा जुम्मा को सफल बनाने के लिए जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार, वहीं पुलिस फोर्स मिलाकर तकरीबन पूरे सम्भल में 4 हजार से ज्यादा जवान और अधिकारी अलग-अलग लोकेशन में तैनात है। प्रशासन की तरफ से 16 मजिस्ट्रेट और राजस्व के अधिकारी भी अलग-अलग टुकड़ियों में भ्रमण कर रहे है। पुलिस और प्रशासन से एसपी, डीएम, ADM, SDM, 2 ASP, 7 CO समेत इंस्पेक्टर टुकड़ियों के साथ नजर रख रहे है। पुलिस टीम 3 ड्रोन के जरिए हवाई सर्वे कर रही है और पूरे संभल जोन पर नजर रखी जा रही है। संभल के शहरी क्षेत्र में तकरीबन 1300 सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही है।

हुकूमत के कानून पर अमल करते हुए नमाज अदा करें-कारी हजरत अलाउद्दीन

संभल में अलविदा जुम्मे की नमाज को शांति पूर्वक अदा करने के लिए मुफ्ती शहर कारी हजरत अलाउद्दीन ने कहा कि मैं अलविदा जुम्मे की मुबारकबाद देता हूं। 28 मार्च को बड़ा दिन है। हुकूमत के कानून पर अमल करते हुए नमाज अदा करें। सड़कों पर नमाज नहीं पढ़े बल्कि मस्जिदों के अहाते में नमाज पढ़ें। जो लोग जामा मस्जिद में नमाज पढ़ते हैं वो भी इसी कानून पर अमल करें। जो जगह नमाज पढ़ने के लिए मुकर्रर कर दी गई है उसी जगह पर नमाज पढ़ें। वहीं आने वाली ईंद उल फितर की नमाज भी इसी तरह पढ़ें। ताकि शांति और भाईचारा बना रहे। किसी अफवाह पर ध्यान न दें।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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