देश

‘एक देश, एक चुनाव’ पर JPC की बैठक आज, 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष और जाने-माने अर्थशास्त्री एनके सिंह देंगे राय

One Nation One Election: एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक आज होने वाली है, जिसमें जाने-माने अर्थशास्त्री एनके सिंह पैनल के सामने अपनी राय रखेंगे।

Image

'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर जेपीसी की बैठक आज (ANI)

Photo : ANI

One Nation One Election: 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक आज को होने वाली है। जानकारी के मुताबिक, बैठक में जाने-माने अर्थशास्त्री एनके सिंह पैनल के समक्ष पेश होंगे। सिंह पूर्व राज्यसभा सदस्य, भारत के पंद्रहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष, योजना आयोग के पूर्व सदस्य, पूर्व राजस्व सचिव और पूर्व प्रधानमंत्री के सचिव रह चुके हैं। बयान के दौरान उन्हें अशोक विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर और आइजैक सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी की प्रमुख एवं निदेशक डॉ. प्राची मिश्रा द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।

11 जुलाई को भी हुई थी JPC की बैठक

इससे पहले, संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की 11 जुलाई को बैठक हुई थी और उसने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों न्यायमूर्ति जे.एस. खेहर और न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ सहित कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया था। बैठक के बाद, समिति के अध्यक्ष पी.पी. चौधरी ने इस पहल को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए समिति के लिए एक सुनहरा अवसर बताया था, जहां सभी सदस्य मजबूत कानून बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। चौधरी ने एएनआई को बताया था कि आज 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के लिए एक बैठक हुई। पूर्व सीजेआई जस्टिस खेहर और जस्टिस चंद्रचूड़ हमारे सामने मौजूद थे और हमने बातचीत की। राष्ट्र निर्माण के लिए इस समिति के लिए यह एक सुनहरा अवसर है... समिति के सभी सदस्य दलगत राजनीति से ऊपर हैं और एक अच्छा 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विधेयक तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समिति के सदस्य और विशेषज्ञ दोनों इस पहल के महत्व पर सहमत थे। मुख्य न्यायाधीश के अलावा, समिति ने पूर्व सांसद और विधि एवं न्याय संबंधी संसदीय स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष ईएमएस नचियप्पन के विचार भी सुने।

पिछली बैठक के दौरान मौजूद सदस्यों में प्रियंका गांधी वाड्रा, मनीष तिवारी, रणदीप सिंह सुरजेवाला, भुवनेश्वर कलिता, साकेत गोखले, शांभवी चौधरी और भर्तृहरि महताब शामिल थे। मीडिया के प्रश्नों का उत्तर देते हुए चौधरी ने कहा था कि पैनल न्यायाधीशों से परामर्श कर रहा है, क्योंकि वे संवैधानिक विशेषज्ञ हैं, जो निष्पक्ष रहते हैं और केवल कानूनी ढांचे से ही जुड़े होते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद पीपी चौधरी ने कहा था कि समिति संभावित संशोधनों पर विचार कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विधेयक न्यायिक जांच में खरा उतरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के दृष्टिकोण को लागू करने में मदद मिले।

एक साथ पूरे देश में चुनाव कराने पर विचार कर रही समिति

जेपीसी प्रमुख ने पैनल के पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के दौरे पर भी चर्चा की और बताया कि उन्हें बहुमूल्य जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक नेताओं, नागरिक समाज के सदस्यों और अधिकारियों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। जेपीसी वर्तमान में संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की जांच कर रही है। ये विधेयक एक साथ चुनाव कराने के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव चक्रों को संरेखित करने का प्रस्ताव करते हैं। सितंबर 2024 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक साथ चुनाव संबंधी उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था। समिति ने एक साथ चुनाव कराने के लिए दो-चरणीय दृष्टिकोण की सिफारिश की थी। समिति ने कहा था कि पहले चरण के रूप में, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। इसमें कहा गया है कि दूसरे चरण में, नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव लोकसभा और विधानसभाओं के साथ इस तरह से कराए जाएंगे कि ये लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव के सौ दिनों के भीतर कराए जाएं। समिति ने यह भी सिफारिश की थी कि सरकार के तीनों स्तरों के चुनावों में इस्तेमाल के लिए एक ही मतदाता सूची और मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) होना चाहिए। समिति ने कहा था कि उसकी सिफारिशों से पारदर्शिता, समावेशिता, सुगमता और मतदाताओं का विश्वास उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगा।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article