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'पुलिस और राजनीतिक आकाओं पर शर्म', जंतर-मंतर से झारखंड के छात्रों की तुलना कर हेमंत सरकार पर बरसे पी चिदंबरम

रांची में JPSC/JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का प्रदर्शन सोमवार को 17वें दिन भी जारी रहा। छात्रों ने विधानसभा तक मार्च किया, जहां उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई जगह लाठीचार्ज की भी बात सामने आई। पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने झारखंड पुलिस की आलोचना करते हुए इसे दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन से जोड़ा।

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'जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों से अलग नहीं झारखंड के छात्र', लाठीचार्ज पर कांग्रेस नेता ने पुलिस को घेरा। PTI

Jharkhand Students Protest: रांची में JPSC परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर छात्रों ने सोमवार को बड़ा प्रदर्शन किया। कई छात्र विधानसभा परिसर में पहुंचे । छात्रों को रोकने के लिए पुलिस बल ने वाटर कैनन का प्रयोग किया। कई जगहों पर छात्रों पर लाठीचार्ज भी हुआ।

छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर कांग्रेस के दिग्गज नेता पी चिंदबरम ने कहा,"झारखंड के छात्र प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों से अलग नहीं हैं। जिस प्रकार हमने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस और आरएएफ द्वारा किए गए हमले की निंदा की, उसी प्रकार हम झारखंड के छात्रों पर झारखंड पुलिस द्वारा किए गए हमले की भी निंदा करते हैं।" उन्होंने आगे कहा,"मैंने झारखंड के छात्रों को प्रदर्शन स्थल से पीछे हटते हुए देखा, जिन पर पुलिस ने आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया; पुलिस और उनके राजनीतिक आकाओं पर शर्म आती है।"

छात्रों ने प्रदर्शन जारी रखने का किया ऐलान

बता दें कि रांची में छात्रों के प्रदर्शन का 17वां दिन खत्म हो गया। छात्रों ने विधानसभा तक मार्च किया। प्रदर्शन में शामिल ज्यादातर छात्र विधानसभा परिसर से वापस लौट गए. हालांकि, रिफॉर्म मंच और महतो गुट के कुछ छात्र अभी भी विधानसभा के बाहर प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े हैं। विधानसभा घेरा कार्यक्रम के बाद प्रदर्शनकारी अब जयपाल सिंह स्टेडियम लौट रहे हैं। वहीं, जेएसएससी-सीजीएल को लेकर छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध जारी है। छात्र संगठनों ने प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है।

छात्रों के हक की बात नहीं कर रहे सीएम: प्रदर्शनकारी

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि 'अब तक सरकार की ओर से बातचीत के लिए कोई नहीं आया है।' प्रदर्शन से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा कि वे यहीं पले-बढ़े हैं और झारखंड के आंदोलन में भी शामिल हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विद्यार्थियों के हक की बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहायक शिक्षक के लिए उनसे चार परीक्षाएं ली गई थीं। चारों परीक्षाएं पास करने के बाद जेएसएससी कार्यालय में उनके प्रमाणपत्रों की जांच हुई, जिसमें सब कुछ सही पाया गया. इसके बाद उन्हें दूसरे जिले में भेजा गया, लेकिन अभी तक उनकी जॉइनिंग नहीं हुई है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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