देश

Jharkhand Goods Train Derail: झारखंड के बोकारो में मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतरे, ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित

Jharkhand Goods Train Derail: अधिकारियों ने बताया कि यह घटना झारखंड के बोकारो में तुपकडीह और राजाबेरा स्टेशन के बीच हुई। उन्होंने बताया कि मालगाड़ी इस्पात ले जा रही थी, जभी तपकडीह स्टेशन के पास पटरी से उतर गई।

Image

झारखंड में मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे।

Photo : ANI

Jharkhand Goods Train Derail: झारखंड के बोकारो में रेल हादसा हुआ है। यहां मालगाड़ी के दो डिब्बे से पटरी से उतरगए। आरपीएफ बोकारो ने बताया कि यह घटना तुपकडीह और राजाबेरा स्टेशन के बीच हुई। उन्होंने बताया कि मालगाड़ी इस्पात ले जा रही थी, जभी तपकडीह स्टेशन के पास पटरी से उतर गई, जिससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है और डाउन लाइन ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन स्थगित कर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि आरपीएफ बोकारो की 15 सदस्यीय टीम मौके पर मौजूद है। दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। जांच जारी है। ट्रैक को साफ करने के प्रयास किया जा रहा है। दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा संभाग के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) सुमित नरूला ने बताया कि हादसे के बाद 14 एक्सप्रेस ट्रेनों समेत 15 ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है।

दो हिस्सों में बंट गई मालगाड़ी

अधिकारियों ने बताया कि पटरी से उतरने के बाद मालगाड़ी दो हिस्सों में अलग हो गई, जिसके दो डिब्बे पलट गए। बोकारो के एरिया रेलवे मैनेजर विनीत कुमार ने बताया कि पटरी से उतरने के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि कल रात 8.45 बजे तुपकडीह रेलवे स्टेशन से एक मालगाड़ी रवाना हुई। यह बल्लभगढ़ स्टेशन की ओर जा रही थी। इसके तुरंत बाद, यह दो भागों में अलग हो गई और इसके दो डिब्बे पलट गए। इसके कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हम पटरियों को बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं। हम नुकसान का आकलन कर रहे हैं। हमने यहां सभी परिचालनों को नियंत्रित कर लिया है। अब तक, तीन ट्रेनों को पुनर्निर्धारित किया गया है और 7-8 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है, लेकिन उत्तर डाउन लाइन पर लगभग 20 मिनट के भीतर ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू हो जाएगी। उसके बाद, हमें ट्रेनों को डायवर्ट करने की आवश्यकता नहीं होगी। हम पटरी से उतरने के कारणों का पता लगाएंगे। किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। आधे घंटे के भीतर दूसरी लाइन फिर से शुरू हो जाएगी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article