Bihar Politics: लोकसभा चुनाव से पहले बिहार की सियासत में बहुत कुछ पक रहा है। एक तरफ तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा है तो दूसरी तरफ नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) के राजद में विलय को लेकर खबरें भी सामने आने लगी हैं। सुशील मोदी के बाद अब भाजपा के दूसरे बड़े नेता ने इस तरह का दावा किया है, जिसके बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। दरअसल, केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने दावा किया है कि नीतीश कुमार की पार्टी जदयू राजद में विलय होने वाली है और नीतीश कुमार की भूमिका भी तय कर दी गई है।
इससे पहले भाजपा नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी इसी तरह का दावा किया था। अक्टूबर में उन्होंने जेडीयू पर निशाना साधते हुए कहा था कि जदयू टूटने की ओर बढ़ रही है और अगले चुनाव से पहले ललन सिंह की पार्टी का राजद में विलय हो जाएगा। इस तरह के बयान तब सामने आए हैं जब जदयू में अंतर्कलह चरम पर है। माना जा रहा है कि जब से नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है तब से जदयू के बड़े नेता नाराज हैं।
ललन सिंह से खफा चल रहे नीतीश
गिरिराज सिंह का यह बयान तब सामने आया है, जब नीतीश कुमार की जदयू अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं। कहा जा रहा है कि 29 दिसंबर को राजधानी दिल्ली में जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति और राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नीतीश कुमार बड़ा फैसला ले सकते हैं और ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटा सकते हैं। वहीं अब खुद पार्टी की कमान संभालने वाले हैं। इस तरह की अटकलें तब लगाई जा रही हैं, जब ललन सिंह की राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से नजदीकियां बढ़ती जा रही हैं।
कुछ भी बोलने से बच रहे तेजस्वी
दूसरी तरफ जदूय के राजद में विलय होने की खबरों पर तेजस्वी यादव कोई भी बयान देने से बचते नजर आ रहे हैं। जब उनसे इसको लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने उल्टा गिरिराज सिंह पर ही निशाना साधा। उन्होंने कहा, वह अपनी बात किसी और के मुंह में थोपना चाहते हैं। इस तरह से कुछ नहीं होता है। उन्होंने कहा, गिरिराज सिंह लाइमलाइट में आने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।
