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Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर में फिर आतंकी वारदात, किश्तवाड़ में दो ग्राम रक्षा गार्डों की हत्या

Kishtwar Terror Incident: आतंकवादियों ने जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ जिले के वन क्षेत्र से दो ग्राम रक्षा गार्डों का अपहरण कर लिया, जिसके बाद उनकी हत्या की गई। मृतकों की पहचान नजीर अहमद और कुलदीप कुमार के रूप में हुई है।

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किश्तवाड़ में दो ग्राम रक्षा गार्डों की हत्या।

Photo : PTI

Kishtwar Terror Incident: जम्मू कश्मीर में एक बार फिर टारगेट किलिंग की घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ में दो लोगों की हत्या कर दी गई है। जिनकी हत्या हुई है उनकी पहचान गावों के रक्षा समिति सदस्य (ग्राम रक्षा गार्ड) के रूप में हुई है।

सूत्रों के मुताबिक, आतंकवादियों ने किश्तवाड़ जिले के वन क्षेत्र से दोनों का अपहरण कर लिया, जिसके बाद उनकी हत्या की गई। मृतकों की पहचान नजीर अहमद और कुलदीप कुमार के रूप में हुई है। अभी तक शव बरामद नहीं हुए हैं, सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

कश्मीर टाइगर्स ने ली जिम्मेदारी

जम्मू कश्मीर में हुई इस आतंकी घटना की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन कश्मीर टाइगर्स ने ली है। एक असत्यापित सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से कश्मीर टाइगर्स ने दोनों हत्याओं का दावा किया है।

घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू

सुरक्षाबलों ने कुछ आतंकवादियों की आवाजाही की सूचना के बाद उत्तरी कश्मीर के सोपोर में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान कुछ गोलियों की आवाजें सुनी गईं। सगीपोरा सोपोर में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि इलाके में 2-3 आतंकवादी छिपे हुए हैं। जेकेपी, सेना की एसओजी द्वारा कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है।

जेकेएनसी ने बयान जारी करते हुए कहा, जेकेएनसी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किश्तवाड़ में एक वन क्षेत्र में दो ग्राम रक्षा रक्षकों नजीर अहमद और कुलदीप कुमार की हत्या की निंदा की है। बर्बर हिंसा के ऐसे कृत्य जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक चलने वाली शांति हासिल करने में बाधा बने हुए हैं। दुख की इस घड़ी में हम मृतकों के परिवारों के साथ हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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