Jammu and Kashmir Rains: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जम्मू संभाग में अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) और भूस्खलन की घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 7 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 19 से 23 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के वैज्ञानिक मोहम्मद हुसैन मीर के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में 19 से 23 जुलाई के बीच बारिश का एक नया दौर शुरू हो गया है। फिलहाल इसका सबसे ज्यादा असर जम्मू क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। 21, 22 और 23 जुलाई को कश्मीर घाटी के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। कई क्षेत्रों में 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज होने का अनुमान है।
राजौरी में बाढ़ का पानी निचले इलाकों में घुसा
बारिश का सबसे ज्यादा असर पूंछ और राजौरी जिलों में देखने को मिला है। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से कई मकान ढह गए। पूंछ के नूनाबंदी गांव में एक घर गिरने से 27 वर्षीय नाजिया कौसर की मौत हो गई, जबकि उनके पति गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। राजौरी में बाढ़ का पानी निचले इलाकों में घुस गया, जिससे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। नदी से एक महिला का शव भी बरामद किया गया है। तेज बहाव में कई वाहन बह गए या पानी में डूब गए, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हुआ और घरों व कारोबारों को भारी नुकसान पहुंचा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ में लाखों रुपये की संपत्ति तबाह हो गई। एक सर्विस स्टेशन संचालक ने दावा किया कि उसका पूरा स्टेशन बह गया और करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। प्रभावित लोगों ने सरकार से मुआवजा और राहत पैकेज की मांग की है। लगातार बारिश के कारण चिनाब नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, खासकर बारांदरी पुल के आसपास स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग ने लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने तथा मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा रद्द
गौरतलब है कि खराब मौसम को देखते हुए एहतियातन माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
