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पुलिस हिरासत में भेजा गया स्वतंत्र भारद्वाज, कल हुई थी बुलंदशहर से गिरफ्तारी; डींगें हांकने का वीडियो वायरल

Swatantra Bhardwaj News: स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे पुलिस की हिरासत में भेज दिया गया।

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पुलिस हिरासत में भेजा गया स्वतंत्र भारद्वाज

Swatantra Bhardwaj News: हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट ने पुलिस की हिरासत में भेज दिया है। स्वतंत्र भारद्वाज को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था। जहां कोर्ट ने एक दिन के लिए उसे पुलिस की कस्टडी में भेज दिया। बता दें कि हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने भड़काऊ पोस्ट, राजनीतिक करीबी दिखाने और उकसाने वाले बयानों के जरिए सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में प्रशंसक बना लिये थे। लेकिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले एक व्यक्ति के पिता के साथ मारपीट करने की डींगें हांकने का वीडियो वायरल होने के बाद उसकी यही शेखी पुलिस के चंगुल में फंसने का कारण बनी।

बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने पकड़ा था

भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया। भारद्वाज को तब हिरासत में लिया गया जब एक साक्षात्कार का क्लिप वायरल हुआ। क्लिप में वह यह दावा करते हुए सुने गए कि उन्होंने संजय कुमार का ’सिर फोड़ दिया’ था, जिससे उन्हें ऐसी चोट आई कि 60 टांके लगाने पड़े, और फिर भी वे जेल जाने से बच गए।

शुक्रवार को प्रदर्शन के बाद एक्टिव हुई थी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया था कि राष्ट्रीय राजधानी में 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हुए कथित हमले के मामले में उसे 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

हिरासत में लिए जाने से एक दिन पहले गुरुवार को भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर ट्रेंड्स में अपना नाम दिखाते हुए एक स्क्रीनशॉट साझा किया और कैप्शन लिखा, ’’लव यू ऑल विरोधी’। भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें वह कलाई में पहने ’कड़े’ को दिखा रहा है और उसके साथ कैप्शन लिखा था, ’’ फील द पावर!’ (ताकत महसूस करें!)। यह दिल्ली पुलिस के उस बयान की ओर इशारा था जिसमें कहा गया था कि कुमार को चोट किसी हथियार से नहीं बल्कि ’कड़े’ से लगी थी।

स्वतंत्र भारद्वाज का वो वीडियो, जिससे कारण वो फंसा

कुमार पर कथित हमले का वीडियो जैसे ही तेजी से प्रसारित हुआ, सोशल मीडिया पर भारद्वाज के कई पुराने वीडियो भी सामने आने लगे। इनमें से कुछ में उन्हें मुसलमानों और सरकार की आलोचना करने वालों के खिलाफ भड़काऊ बातें कहते हुए सुना जा सकता है। वहीं कुछ अन्य वीडियो में वह अपनी राजनीतिक पहुंच का जिक्र करते हुए शेखी बघारते और यह दावा करते दिखते हैं कि उन्हें गिरफ्तारी का कोई डर नहीं है। जिस क्लिप से वह चर्चा में आए, उनमें उन्होंने निशु के पिता का सिर फोड़ने की डींग मारी थी।

भारद्वाज कहते सुनाई दे रहे हैं, ’’ क्या आपको पता है कि यह अपराध किस धारा के तहत आता है? धारा 307। उसे 60 टांके लगे थे। उस आदमी को गंभीर हालत में एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा था। उसकी बेटी पुलिस थाना के बाहर खड़ी होकर कह रही थी कि अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला, तो वह आत्महत्या कर लेगी।’’

प्रसारित वीडियो पर वह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, ’’लेकिन मुझे जेल भी नहीं भेजा गया। दुनिया को यह पता होना चाहिए। मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा।’’

उन्होंने इसके बाद कई नेताओं का जिक्र करते हुए बताया कि उनके लिए चिंता करने की कोई खास वजह क्यों नहीं है। भारद्वाज ने दावा किया, ’’मुझ पर हनुमान जी का आशीर्वाद है। और दूसरी बात, कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं। कहा जाता है कि कपिल मिश्रा के फोन करने पर ही मुझे छोड़ा गया। चिराग पासवान भी मेरे बड़े भाई हैं। आप कितने नेताओं को जानते हैं? क्या आप मोदी जी को जानते हैं? मोदी जी भी मेरे बड़े भाई हैं। मुझे सभी का समर्थन हासिल है।’’

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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