Target Killing in Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में नई सरकार के गठन के बाद भी टारगेट किलिंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को शोपियां जिले में बिहार निवासी श्रमिक की गोली मारकर कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि शोपियां जिले के जैनपोरा क्षेत्र के वंडुना गांव में बिहार निवासी अशोक चौहान का गोलियों से छलनी शव बरामद किया गया। पुलिस ने कहा, शव को चिकित्सकीय-कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए भेज दिया गया है। इस घटना में मामला दर्ज कर जांच जारी है। पुलिस ने पुष्टि की है कि यह आतंकवादी कृत्य है। हत्यारों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।
उधर, जम्मू कश्मीर के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अशोक चौहान की हत्या पर दुख जताया है। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, दक्षिण कश्मीर में आतंकवादियों के हाथों अशोक चौहान की मौत की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। ये हमले घृणित हैं और इनकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। मैं मृतक के परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।
नहीं रुक रही टारगेट किलिंग
बता दें, कश्मीर घाटी में राजमिस्त्री, बढ़ई, धान काटने वाले तथा विभिन्न श्रम-प्रधान व्यवसायों में लगे अन्य लोगों पर पहले भी आतंकवादियों द्वारा हमले किए गए हैं। इस साल 8 अप्रैल को शोपियां जिले में आतंकवादियों ने एक भोजनालय में घुसकर पंजाब के एक टैक्सी चालक परमजीत सिंह पर गोली चलाई, जो विदेशी पर्यटकों के साथ था। गाइड को तीन गोलियां लगीं। इससे पहले फरवरी में, श्रीनगर के पुराने शहर में आतंकवादियों ने पंजाब के दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
दो दिन पहले ही गठित हुई है नई सरकार
जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली निर्वाचित सरकार के सत्ता में आने के दो दिन बाद बिहार निवासी व्यक्ति पर आतंकवादी हमला हुआ है। जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और औसतन 68 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने के बाद यह जम्मू-कश्मीर में पहला विधानसभा चुनाव था।
