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Jagannath Temple : जगन्नाथ मंदिर में कितना खजाना? 8 जुलाई को 'स्वर्णलोक' से उठेगा परदा

Jagannath temple Ratna Bhandar : गौरतलब है कि रत्न भंडार आखिरी बार 1985 में खोला गया था लेकिन कीमती सामानों की नवीनतम सूची 1978 में बनाई गई थी। 1985 तक दो हिस्सों में बंटे रत्न भंडार के अंदरूनी कक्ष को किसी ने नहीं देखा था। बाहरी कक्ष नियमित रूप से खोला जाता है और त्योहारों पर पुजारी आभूषण निकाले जाते हैं।

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जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार आठ जुलाई को खुलेगा।

Jagannath temple Ratna Bhandar : जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार 08 जुलाई को खोला जाएगा। भंडार खोलकर यह देखा जाएगा कि मंदिर के इस खजाने में कितनी धन-दौलत है। एएसआई अधिकारी डीबी गरनायक ने मंदिर का रत्न भंडार खोले जाने की जानकारी दी है। बता दें कि सात जुलाई से रथ यात्रा निकाली जाएगी इसके पहले मंदिर के रत्न भंडार का निरीक्षण होना है। जगन्नाथ के पुरी मंदिर में के खजाने में कितनी धन दौलत है, लोग यह जानने के लिए काफी उत्सुक हैं। भक्त हर साल बड़ी संख्या में पुरी के इस मंदिर पहुंचते हैं और चढ़ावा भी चढ़ाते हैं। हालांकि, रत्न भंडार खोले जाने को लेकर विवाद भी देखने को मिला है।

भाजपा ने रत्न भंडार खोलने का वादा किया था

निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि रत्न भंडार में भगवान के बहुमूल्य आभूषण बरकरार हैं कि नहीं। लोकसभा चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी ने रत्न भंडार को खोलने का मुद्दा उठाया था। अब ओडिशा में पहली बार उसकी सरकार बनी है। वह अपने इस वादे पर आगे बढ़ रही है। गौरतलब है कि रत्न भंडार आखिरी बार 1985 में खोला गया था लेकिन कीमती सामानों की नवीनतम सूची 1978 में बनाई गई थी। 1985 तक दो हिस्सों में बंटे रत्न भंडार के अंदरूनी कक्ष को किसी ने नहीं देखा था। बाहरी कक्ष नियमित रूप से खोला जाता है और त्योहारों पर पुजारी आभूषण निकाले जाते हैं।

चाबियां नहीं मिली थीं

रत्न भंडार खोले जाने का मामला ओडिशा हाईकोर्ट भी पहुंच चुका है। कोर्ट के आदेश के अनुरूप 4 अप्रैल 2018 को रत्न भंडार के आंतरिक कक्ष को खोलने का प्रयास किया गया था लेकिन उस वक्त चाबियां नहीं मिलीं थीं। रत्न भंडार के अंदर गए अधिकारियों, सेवकों और विशेषज्ञों को बाहरी कक्ष से वापस लौटना पड़ा।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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