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खराब मौसम बना केदारनाथ में हादसे की वजह? जानें-देश में कब-कब हुए बड़े हेलिकॉप्टर क्रैश

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 18, 2022, 02:58 PM IST

Helicopter crash : विमान एवं हेलिकॉप्टर हादसों की अगर बात करें तो देश में इसकी फेहरिस्त काफी लंबी है। 18 अक्टूबर को केदारनाथ में एक निजी कंपनी का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में दो पायलट सहित सात लोगों की जान गई।

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बीते दशकों में हुए चॉपर हादसे।

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • मंगलवार को केदारनाथ के पास निजी कंपनी का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया
  • हेलिकॉप्टर में सात लोग सवार थे, चॉपर श्रद्धालुओं को केदारनाथ से लेकर लौट रहा था
  • देश में बीते सालों में बड़े हेलिकॉप्टर हादसे हुए हैं, इन हादसों में लोगों की जान गई है

Helicopter crash : हादसा चाहे सड़क का हो या ट्रेन का। या वह विमान हादसा हो, हादसा हमेशा बुरा होता है लेकिन यह भी सच है कि हादसों को पूरी तरह से टाला नहीं जा सकता। विमान एवं हेलिकॉप्टर हादसों की अगर बात करें तो देश में इसकी फेहरिस्त काफी लंबी है। 18 अक्टूबर को केदारनाथ में एक निजी कंपनी का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में दो पायलट सहित सात लोगों की जान गई। यह हेलिकॉप्टर श्रद्धालुओं को केदारनाथ से लेकर वापस आ रहा था तभी वह गरुड़चट्टी के पास जमीन पर गिर गया। बताया जा रहा है कि जिस जगह पर यह दुर्घटना हुई वहां गहरा धुंध छाया हुआ था। समझा जाता है कि खराब मौसम की वजह से चॉपर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसा क्यों हुआ, इसका पता लगाने के लिए उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जांच का आदेश दिया है। बहरहाल, यहां हम एक नजर डालते हैं अब तक देश में हुए प्रमुख हेलिकॉप्टर हादसों पर

चॉपर हादसे में सीडीएस रावत की मौत-8 दिसंबर 2021

यह हादसा देश के सबसे बड़े हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं में से एक है। इस हादसे में भारत ने अपने पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत एवं वायु सेना के अन्य बड़े अधिकारियों को खो दिया। आठ दिसंबर को सीडीएस रावत अपनी पत्नी एवं सेना के अन्य अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विस स्टॉफ कॉलेज जा रहे थे। इस स्कूल जाने के लिए उन्होंने सुलूर एयर फोर्स बेस से वायु सेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर से उड़ान भरी थी। दिन के करीब 12.10 बजे चॉपर नीलगिरी जिले के कूनूर तालुका के पास एक चाय बागान के समीप चॉपर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में जनरल रावत, उनकी पत्नी सहित 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि बुरी तरह जख्मी ग्रूप कैप्टन वरुण सिंह ने 15 दिसंबर को दम तोड़ दिया।

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वायु सेना के 6 कर्मियों की मौत-27 फरवरी, 2019

27 फरवरी, 2019 को एक मिशन पर निकला वायु सेना का एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टर जम्मू कश्मीर के बड़गाम में हादसे का शिकार हुआ। इस चॉपर ने श्रीनगर से उड़ान भरी थी। इस भीषण हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार वायु सेना के सभी छह कर्मियों की जान चली गई।

हादसे में छह लोगों की जान बची, 3 अप्रैल 2018

वायु सेना का एमआई-17 वी 5 हेलिकॉप्टर केदारनाथ के समीप क्रैश हुआ। यह हेलिकॉप्टर राज्य सरकार के एक अभियान पर था। हेलिपैड पर लैंडिंग करते समय चॉपर दुर्घटना का शिकार हुआ। इस हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार वायु सेना के चार कर्मी बाल-बल बच गए।

बरेली में चॉपर गिरा, अक्टूबर 2014

बरेली में वायु सेना का एक चीता हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश हो गया। यह चॉपर सेना के एविएशन यूनिट का था। इस हादेस में हेलिकॉप्टर में सवार सभी तीन अधिकारियों की मौत हो गई।

chopper crash

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ध्रुव हेलिकॉप्टर क्रैश, जुलाई 2014

वायु सेना के अधिकारियों का ले जा रहा एएलएच ध्रुव हेलिकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हुआ। इस हादसे में दो अधिकारियों सहित वायु सेना के सात कर्मियों की जान गई। यह हेलिकॉप्टर बरेली से इलाहाबाद की उड़ान पर था। सीतापुर में यह क्रैश कर गया।

झारखंड के तत्कालीन सीएम अर्जुन मुंडा, उनकी पत्नी एवं तीन अन्य को ले जा रहा हेलिकॉप्टर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर क्रैश लैंड किया। इस हादेस में चॉपर में सवार सभी यात्रियों को चोटें आईं। सीएम मुंडा के हाथ में फ्रैक्चर आया और उनके पैर में चोट लगी।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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