Indore water contamination: इंदौर के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे मरीज, सता रहा डर, क्या बोले लोग- Video
- Authored by: मकरंद कालेEdited by: रवि वैश्य
- Updated Jan 1, 2026, 07:45 PM IST
Indore water Contamination Update: इंदौर जहरीले पानी के पीड़िता मरीज अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं उनका कहना है कि उन्हें डर लग रहा है क्योंकि लोगों की मौत हो रही है...
इंदौर जहरीले पानी मामले पर लोगों का क्या कहना है
Indore water Contamination Patient: इंदौर जहरीले पानी के पीड़िता मरीज अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं उनका कहना है कि उन्हें डर लग रहा है क्योंकि लोगों की मौत हो रही है, भागीरथपुर में अभी भी सीवर लाइन और नर्मदा पाइपलाइन की लीकेज की जांच चल रही है।
जगह-जगह पर बड़े-बड़े मशीन लगाकर खुदाई की जा रही है, ताकि पानी की पाइपलाइन में मिक्सिंग की समस्या का पता लगाया जा सके लेकिन अभी तक समस्या का असल कारण पता नहीं चल पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है की जगह-जगह पर ऐसी खुदाई करके लीकेज ढूंढ रहे हैं लेकिन वह मिल नहीं रहा।
वहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों का कहना है कि पानी बिलकुल साफ था लेकिन थोड़ी देर बाद वह पीला पड़ने लगा, धीरे-धीरे उसका रंग लाल होने लगा और उसमें कीड़े दिखने लगे। शुरुआत में वह पानी पी चुके थे इसीलिए तबीयत खराब हो गई बाद में जैसे ही पता चला कि पानी खराब है उन्होंने पीना बंद कर दिया। पानी में काफी बदबू थी और वह जलन कर रहा था।
इस मामले पर बड़ा खुलासा सामने आया
इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत के मामले पर बड़ा खुलासा सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर भागीरथपुर के रहवासियों ने नगर निगम के साथ साथ CM हेल्प लाइन पर शिकायत की थी। 6 माह पहले भी इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने पाइप लाइन बदलने के लिए टेंडर जारी किए थे।
सिस्टम की लापरवाही ऐसी थी की वो टेंडर आज तक स्वीकृत नहीं
लेकिन सिस्टम की लापरवाही ऐसी थी की वो टेंडर आज तक स्वीकृत नहीं हुए। नगर निगम के अधिकारी पाइप लाइन के टेंडर में बड़ा भ्रष्टाचार करना चाहते थे, लिहाजा टेंडर किसी भी ठेकेदार को नहीं दिया गया।
आखिर टेंडर 6 माह से क्यों नहीं दिए गए?
इंदौर के मेयर ने निगम कमिश्नर को जांच के आदेश दिए की आखिर टेंडर 6 माह से क्यों नहीं दिए गए? 6 माह पहले ही पाइन लाइन बदल दी जाती तो आज किसी भी की मौत नहीं होती।
महिलाओं का गुस्सा कैलाश विजयवर्गीय पर फूट पड़ा
इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी ने मासूम जिंदगियां निगल लीं। अब तक 8 लोगों की मौत हुई है। बीती रात ही 5 नए मरीज भी अस्पताल में भर्ती हुए हैं। कई लोगों की हालत नाजुक है। इसी बीच दूषित पानी को लेकर कई महिलाओं का गुस्सा कैलाश विजयवर्गीय पर फूट पड़ा। मासूम की मौत पर मराठी मोहल्ले के निवासियों का गुस्सा फूट पड़ी। लोगों ने नगर निगम पर लंबे समय तक लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, जब पीड़ित परिवार से मिलने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे तो लोगों का गुस्सा उनपर फूट पड़ा। वो पीड़ित परिवार से मिलने जब मोटरसाइकिल पर जा रहे थे तो कुछ महिलाओं ने रोककर शिकायत की। महिलाओं ने कहा कि पिछले कई दिनों से दूषित पानी की शिकायत की जा रही थी,लेकिन कोई अधिकारी सुनने को नहीं है।
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