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Navbharat Maha Kumbh: भारत के अल्पसंख्यकों को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति से कुछ तो सीखना चाहिए, सीएम योगी की खरी-खरी

सीएम योगी ने कहा, क्या भारत में रहकर, इस धरती का उपभोग करने वाली बड़ी आबादी जो दुर्भाग्य से वोट बैंक रह गए हैं, क्या वह स्वीकार कर पाएंगे कि उनके पूर्वज राम थे।

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नवभारत महाकुंभ में सीएम योगी

CM Yogi on Indonesia President: टाइम्स नाउ नवभारत के कार्यक्रम नवभारत के महाकुंभ में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने खरी-खरी बात कहते हुए भारत के अल्पसंख्यकों को अपने पूर्वजों पर गर्व करने की सलाह दी। इस सवाल पर कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति खुलकर कहते हैं कि मेरा डीएनए भारतीय है, उन्हें तो कोई संकोच नहीं हुआ, लेकिन भारत में ऐसा क्यों नहीं है। इस पर सीएम योगी ने कहा, यही तो सच्चाई है, इंडोनोशिया सबसे बड़ा मुस्लिम देश है। राष्ट्रपति का नाम विशुद्ध संस्कृत है, लेकिन उपासना पद्धति मुस्लिम है। इंडोनेशिया राम को अपना पूर्वज मानता है, गरुड़ उनकी नेशनल एयरलाइंस है, गणपति उनके करेंसी का हिस्सा है और रामलीला उनका राष्ट्रीय त्योहार है।

क्या अल्पसंख्यक स्वीकार करेंगे कि उनके पूर्वज राम थे

सीएम योगी ने कहा, क्या भारत में रहकर, इस धरती का उपभोग करने वाली बड़ी आबादी जो दुर्भाग्य से वोट बैंक रह गए हैं, क्या वह स्वीकार कर पाएंगे कि उनके पूर्वज राम थे। कुछ तो उन्हें सीखना चाहिए। वहां के राष्ट्रपति कहते हैं कि मेरा डीएनए भारतीय है। भारत के महापुरुषों और पर्वों को सम्मान नहीं दोगे, ये चीजें नही चलेंगी।

ओवैसी को दिया जवाब

इस सवाल पर कि ओवैसी जैसे नेता चेतावनी दे रहे की वक्फ बिल में बदलाव होंगे तो सीएए जैसे विरोध दोबारा होगा, सीएम योगी ने कहा कि समय की आवश्यकतानुसार वक्फ बिल में बदलाव हो रहा है। मुझे खुशी है कि जेपीसी ने इस संशोधन पर काम किया है, उम्मीद है कि अगले सेशन में कुछ अच्छा होगा।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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