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Indian Missile: पड़ोसी देश ने अगर उतार दिए 16 जेट तो भी भारत की ये एक मिसाइल छुड़ा देगी छक्के, एक बार उड़ी तो दुश्मन खत्म!

Agni-5 Missile: भारत की अग्नि-5 मिसाइल बांग्लादेश के 16 यूरोफाइटर जेट्स पर रणनीतिक बढ़त देती है। 5,000 किमी की रेंज, मैक 20+ हाइपरसोनिक स्पीड, मोबाइल लॉन्चर ऐसी ताकत बनाते हैं जिसे एयर पावर बेअसर नहीं कर सकती। अग्नि-5 एस्केलेशन के जोखिमों को बदल देती है, इसलिए इसकी मौजूदगी फाइटर फ्लीट के रणनीतिक असर को कम कर देती है।

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भारत की Agni-5 मिसाइल का 16 यूरोफाइटर से मुकाबला

Indian Missile AGNI-5: भारत के पास कई खतरनाक मिसाइलें हैं। इनमें एक Agni-5 मिसाइल है, जो बहुत पावरफुल है। अग्नि-5 मिसाइल 5,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर सकती है, जिससे इस क्षेत्र में सभी संभावित मिलिट्री ठिकाने इसकी रेंज में आ जाते हैं। यह रेंज एक ऐसा रणनीतिक बचाव का स्तर बनाती है जिससे टैक्टिकल फाइटर जेट मुकाबला नहीं कर सकते। भारत की अग्नि-5 मिसाइल बांग्लादेश के 16 यूरोफाइटर जेट्स पर रणनीतिक बढ़त देती है।

यूरोफाइटर जेट टैक्टिकल लड़ाई के लिए हवा में ऑपरेट करते हैं, जबकि अग्नि-5 एक स्ट्रेटेजिक बैलिस्टिक मिसाइल के तौर पर काम करती है। इस बुनियादी अंतर का मतलब है कि जेट लंबी दूरी की मिसाइल के खतरे का प्रभावी ढंग से मुकाबला नहीं कर सकते।

नंबर मायने नहीं रखते

भले ही बांग्लादेश 16 यूरोफाइटर जेट तैनात कर दे, लेकिन सिर्फ एक लंबी दूरी की मिसाइल की मौजूदगी उन्हें सीमित कर सकती है और भारी नुकसान पहुंचा सकती है। बैलिस्टिक मिसाइलें हाइपरसोनिक स्पीड से अधिक, मैक 20-25 की स्पीड से एटमॉस्फियर में एंटर करती हैं, जो किसी भी फाइटर जेट के रिएक्ट करने की स्पीड से कहीं ज्यादा तेज है। अग्नि-5 का फ्लाइट प्रोफाइल यूरोफाइटर जैसे फाइटर एयरक्राफ्ट के लिए इंटरसेप्शन का कोई असली मौका नहीं छोड़ता।

अग्नि-5 की मुख्य भूमिका संघर्ष को बढ़ने से रोकने की उसकी क्षमता में है। पारंपरिक लड़ाकू विमानों का कोई भी बेड़ा उस रणनीतिक महत्व की बराबरी नहीं कर सकता जो परमाणु क्षमता वाली लंबी दूरी की मिसाइल रखती है। अग्नि-5 की रेंज इसे जरूरत पड़ने पर एयरफील्ड, लॉजिस्टिक हब और कमांड लोकेशन पर कब्जा करने की क्षमता देती है। यह उनके ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाकर यूरोफाइटर जेट्स की टैक्टिकल फ्लेक्सिबिलिटी को कम कर सकती है।

मिसाइल प्लेटफॉर्म की सर्वाइवेबिलिटी

रोड-मोबाइल लॉन्चर अग्नि-5 को ट्रैक करना और निशाना बनाना मुश्किल बनाते हैं। यह मोबिलिटी यह पक्का करती है कि अगर फाइटर जेट पहला हमला करने की कोशिश भी करें, तो भी मिसाइल ऑपरेशनल रहे और लॉन्च के लिए तैयार रहे।

अग्नि-5 के होने से क्षेत्रीय एयर फोर्स को सिर्फ पारंपरिक लड़ाकू विमानों पर निर्भर रहने के बारे में दोबारा सोचना पड़ रहा है। स्ट्रेटेजिक मिसाइलें पावर का बैलेंस बदल देती हैं और पारंपरिक एयर डिफेंस प्लानिंग को मुश्किल बना देती हैं।

एक मिसाइल ही काफी कैसे?

यूरोफाइटर एक एडवांस्ड मल्टीरोल जेट है, लेकिन इसका परफॉर्मेंस स्ट्रेटेजिक डेटरेंस पर असर नहीं डालता। एक बार लॉन्च होने के बाद एयर कॉम्बैट ताकत बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को खत्म नहीं कर सकती। वहीं, अग्नि-5 एस्केलेशन के जोखिमों को बदल देती है, इसलिए इसकी मौजूदगी फाइटर फ्लीट के रणनीतिक असर को कम कर देती है। यही वजह है कि ऐसे सिस्टम के सामने 16 यूरोफाइटर भी सीमित ही रहेंगे।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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