Indian Army Helicopters: सेना को उन्नत और आधुनिक युद्ध कौशल के अनुरूप तैयार रखने के लिए भारत सरकार लगातार कदम उठा रही है। अब उसने सेना और वायु सेना के लिए करीब 200 आधुनिक हल्के हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए 'रिक्वेस्ट फॉर इंफॉर्मेशन' (RFI) जारी किया है। ये नए हेलिकॉप्टर पुराने पड़ चुके चेतक और चीता चॉपर की जगह लेंगे। इनका इस्तेमाल रिकोनसा एवं निगरानी के लिए किया जाएगा। इन्हें सेना और नौसेना दोनों में शामिल किया जाएगा। 120 हेलिकॉप्टर सेना में और 80 वायु सेना में शामिल होंगे।
संभावित विक्रेताओं की होगी पहचान
सूत्रों ने बताया कि यह आरएफआई (रिक्वेस्ट फॉर इंफॉर्मेशन) हेलिकॉप्टरों के गुणवत्ता मानकों को अंतिम रूप देने, खरीद की श्रेणी तय करने और संभावित विक्रेताओं की पहचान करने के लिए जारी किया गया था, जिसमें एक भारतीय कंपनी भी शामिल होगी, जो मूल उपकरण निर्माता के साथ संयुक्त उद्यम बनाएगी। विक्रेताओं के साथ बैठक इस महीने के भीतर प्रस्तावित है।
छह दशकों का सफर अब अंतिम चरण में
सियाचिन ग्लेशियर की बर्फीली ऊंचाइयों से लेकर थार के रेगिस्तानों तक सेवाएं देने वाले चीता/चेतक बेड़े का भारतीय सशस्त्र बलों में छह दशकों का सफर अब अंतिम चरण में है। योजना है कि 2027 से इनका चरणबद्ध तरीके से संचालन बंद किया जाए। एयरोस्पेशियल अलुएट III पर आधारित, सिंगल-इंजन चेतक हेलिकॉप्टर को पहली बार 1962 में शामिल किया गया था और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने 1965 में इसका लाइसेंस लेकर निर्माण शुरू किया। सिंगल-इंजन चीता, एयरोस्पेशियल SA 315B लामा पर आधारित है और 1976 में सेवा में शामिल हुआ।
एविएशन कोर के पास लगभग 190 हेलिकॉप्टर
हाल के वर्षों में इन पुराने हेलिकॉप्टरों को सेवानिवृत्त करने की मांग ने जोर पकड़ा है, क्योंकि इनमें कई दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें कई जानलेवा भी रही हैं। 246 चीता/चेतक हेलिकॉप्टरों में से, भारतीय सेना के एविएशन कोर के पास वर्तमान में लगभग 190 हेलिकॉप्टर हैं, जिनमें से करीब 30 मेंटेनेंस में हैं। सेना और वायुसेना को मिलाकर 450 से अधिक हल्के हेलिकॉप्टरों की जरूरत है, जिसमें अकेले सेना को करीब 250 की आवश्यकता होगी। सेना एचएएल से 80 स्वदेशी लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (LUH) खरीदने पर भी विचार कर रही है, लेकिन इनके ऑटोपायलट सिस्टम में कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण डिलीवरी में देरी हो रही है। एलयूएच ने 2020 में हाई-एल्टीट्यूड ट्रायल पूरे किए और 2021 में प्रारंभिक संचालन स्वीकृति (IOC) प्राप्त की।
