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भुज में दिखी तीनों सेनाओं की फ्यूचर अप्रोच, जमीनी स्तर पर उतरे आधुनिक हथियार करेंगे चीन-पाक को परेशान!

Indian Forces: भुज में भारतीय सशस्त्र बलों में बढ़ती संयुक्तता, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, स्वदेशी तकनीकों के प्रभावी उपयोग और फ्यूचर रेडी सैन्य शक्ति के निर्माण की दिशा में हो रही ठोस प्रगति को रेखांकित करता है।

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भुज में दिखी तीनों सेनाओं की फ्यूचर अप्रोच

Indian Air Force: क्रीक सेक्टर और समुद्री सीमा से सटे भुज क्षेत्र में भारतीय सेनाओं की बदलती युद्ध क्षमताओं की झलक उस समय सामने आई, जब रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने फॉरवर्ड एरिया का दौरा किया। आधुनिक हथियार प्रणालियों, रियल-टाइम सर्विलांस नेटवर्क और जॉइंट कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के समन्वित प्रदर्शन ने यह स्पष्ट किया कि भारतीय सेना अब मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के लिए फ्यूचर रेडी अप्रोच को जमीनी स्तर पर उतार चुकी है। साथ ही यह प्रेक्टिस पड़ोसी दुश्मन देशों जैसे पाकिस्तान और चीन को देखते हुए भी जरूरी है।

दौरे के दौरान रक्षा सचिव ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ,PVSM, UYSM, AVSM, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी कमान तथा कोणार्क कोर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौजूदा सुरक्षा हालात और ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की। फॉरवर्ड एरिया में तैनात इकाइयों की स्थिति, लॉजिस्टिक सपोर्ट और क्षमता निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर उन्हें विस्तार से जानकारी दी गई।

'डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन रोडमैप'

अधिकारियों ने रक्षा सचिव को भारतीय सेना के 'डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन रोडमैप' के तहत चल रहे सुधारों और पहलों से अवगत कराया। इन प्रयासों का उद्देश्य तकनीक-सक्षम बल संरचना को मजबूत करना, जॉइंट ऑपरेशन क्षमताओं को बढ़ाना और भविष्य के जटिल युद्ध परिदृश्यों के अनुरूप संचालन क्षमता विकसित करना है। इसके तहत सेना को लैंड, एयर, मैरीटाइम, साइबर और स्पेस डोमेन्स में एकीकृत रूप से कार्य करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

दौरे के दौरान रक्षा सचिव ने जॉइंट कंट्रोल सेंटर का भी निरीक्षण किया, जहां विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सर्विलांस और इंटेलिजेंस इनपुट्स को एकीकृत कर साझा ऑपरेशनल पिक्चर तैयार की जाती है। यह प्रणाली फील्ड कमांडरों को बेहतर स्थितिजन्य जागरूकता प्रदान करने के साथ-साथ तेज़ और प्रभावी निर्णय लेने में मदद करती है।

सीमा क्षेत्र में राष्ट्रीय एकता और संकल्प के प्रतीक के रूप में रक्षा सचिव ने मोन्यूमेंटल फ्लैग का उद्घाटन किया। इसके साथ ही नई पीढ़ी की हथियार प्रणालियों का परिचालन प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें नेटवर्क-सक्षम युद्ध क्षमता, सटीक प्रहार और त्वरित प्रतिक्रिया की झलक देखने को मिली।

नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक बल, BSF ने भी लिया भाग

दौरे के अंतिम चरण में मल्टी एजेंसी कैपेबिलिटी एक्सरसाइज 'तटरक्षा' आयोजित की गई। इस एक्सरसाइज में भारतीय सेना के साथ भारतीय नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक बल, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भाग लिया। कोस्टल और एम्फीबियस ऑपरेशंस, रियल-टाइम निगरानी, प्रिसीजन स्ट्राइक, संयुक्त लॉजिस्टिक्स और रैपिड रिस्पॉन्स क्षमताओं के समन्वित प्रदर्शन ने समुद्री और सीमा क्षेत्रों में उभरते खतरों से निपटने की एकीकृत ताकत को प्रदर्शित किया।

कुल मिलाकर, भुज में रक्षा सचिव का यह दौरा भारतीय सशस्त्र बलों में बढ़ती संयुक्तता, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, स्वदेशी तकनीकों के प्रभावी उपयोग और फ्यूचर रेडी सैन्य शक्ति के निर्माण की दिशा में हो रही ठोस प्रगति को रेखांकित करता है।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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