Operation Sindoor Turning Point: ऑपरेशन सिंदूर पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने खुलकर बात की है। उन्होंने सभी सवालों पर खुलकर जवाब दिया और साथ ही अहम जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि आखिर ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के खिलाफ कौनसे दो टर्निंग पॉइंट थे। आर्मी चीफ बोले, ' 'पहला टर्निंग पॉइंट वह 22 मिनट की स्ट्राइक थी जो हमने आतंकी ठिकानों पर की थी। उनका फैसला लेने का सिस्टम पूरी तरह से गड़बड़ा गया था और उन्हें यह समझने में समय लगा कि क्या हो रहा है... एक दूसरा टर्निंग पॉइंट भी था... 10 मई की सुबह, तीनों सेनाओं को कुछ निर्देश दिए गए थे कि अगर यह युद्ध बढ़ता है तो क्या होगा। जिन्हें यह समझना था, उन्होंने समझ लिया... उनके (पाकिस्तान) पास सैटेलाइट से पूरी जानकारी थी कि कौन सा जहाज, कौन सी स्ट्राइक या पिवट, कौन सी कोर यूनिट, या कौन सा विमान कहां जा रहा है—जब उन्होंने इन सब बातों को जोड़ा, तो उन्होंने कहा कि इस युद्ध को यहीं रोकने का समय आ गया है।'
उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि 10 मई के बाद से पश्चिमी मोर्चे के साथ-साथ जम्मू और कश्मीर में स्थिति 'संवेदनशील लेकिन पूरी तरह से नियंत्रण में है। तब भारत ने पाकिस्तानी इलाके में नौ आतंकी संगठनों को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में सकारात्मक बदलाव के स्पष्ट संकेत हैं क्योंकि 2025 में आतंकवादी भर्ती की संख्या लगभग न के बराबर रही है। जनरल द्विवेदी ने बताया कि 2025 में 31 आतंकवादियों को खत्म किया गया। उन्होंने कहा कि उनमें से 65 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के थे।
'आतंकवाद से पर्यटन की थीम...'
उन्होंने कहा, 'आतंकवादी भर्ती लगभग न के बराबर है, 2025 में सिर्फ 2 मामले सामने आए हैं। जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलाव के साफ संकेत हैं, जिनमें मजबूत विकास गतिविधियां, पर्यटन का फिर से शुरू होना, और शांतिपूर्ण श्री अमरनाथ यात्रा शामिल है, जिसमें 4 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री आए, जो पांच साल के औसत से ज्यादा है। आतंकवाद से पर्यटन की थीम धीरे-धीरे आकार ले रही है।'
