Indian Air Force: इंडियन एयरफोर्स के नए फाइटर जेट्स के लिए काम तेजी से चल रहा है। इस बीच भारत के पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर विमान के विकास को लेकर एक बड़ी अपडेट मिला है। एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के अधिकारियों ने बताया है कि एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के डिजाइन पर मुख्य इंजीनियरिंग काम लगभग पूरा हो गया है।
2028 तक पहली उड़ान
idrw.org से बात करते हुए, अधिकारी ने इस प्रोग्राम की प्रगति पर जोर दिया और बताया कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। बताया गया कि काम तेजी से चल रहा है ताकि 2027 के आखिर तक पहला प्रोटोटाइप तैयार हो सके और 2028 में इसकी पहली उड़ान हो सके।
AMCA यानी भारत का पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर विमानों का प्रोग्राम क्षेत्रीय सुरक्षा की बदलती स्थितियों में भारतीय वायु सेना (IAF) के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण संपत्ति बनेगा।
AMCA विमान कैसे होंगे?
AMCA को सुपरक्रूज क्षमता और एडवांस एवियोनिक्स वाले दो इंजन वाले, मल्टीरोल स्टेल्थ प्लेटफॉर्म के रूप में पहचाना जाता है। जिसे विंड टनल टेस्टिंग और कम्प्यूटेशनल फ्लूड डायनामिक्स (CFD) सिमुलेशन के जरिए कठीन टेस्टिंग से गुजार कर बेहतर बनाया गया है। इनमें विमान के एयरफ्रेम को ऐसा बनाया गया है, जिससे यह रडार में ना आए, जिससे दुश्मन सतर्क ना हो सके। साथ ही आंतरिक वेपन बे और सेंसर फ्यूजन आर्किटेक्चर को और बेहतर बनाया गया है। हालांकि, असली सत्यापन प्रोटोटाइप की उड़ान क्षमता बढ़ाने के दौरान इकट्ठा किए गए आंकड़ों से होगा। ADA के प्रतिनिधि ने कहा, 'पहले प्रोटोटाइप से प्राप्त डेटा हमारे अनुमानों और हमारे लक्ष्यों की पुष्टि करेगा।'
कैसे तैयार हो रहे पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान
ADA अपने संसाधनों को रणनीतिक रूप से डिवाइड कर रहा है। एक टीम AMCA के मूल डिजाइन को पूरा कर रही है, जबकि दूसरी टीम ट्विन इंजन डेक बेस्ड फाइटर (TEDBF) पर ध्यान केंद्रित कर रही है। TEDBF, भारतीय नौसेना के भविष्य के एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए तैयार किया गया एक कैरियर-आधारित संस्करण है, जो AMCA टेक्नोलॉजी पर आधारित है, लेकिन इसमें नौसेना संचालन के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं, जैसे मजबूत लैंडिंग गियर और जंगरोधी सामग्री। यह समानांतर विकास स्वदेशी लड़ाकू विमान इकोसिस्टम के प्रति भारत के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो सभी सेवाओं के बीच तालमेल सुनिश्चित करता है।
कब एयरफोर्स के बेड़े में शामिल होंगे ये फाइटर जेट?
भारत के दुश्मन पड़ोसी देश पाक और चीन से हमेशा खतरा बना रहता है और आज के आधुनिक युद्ध में हवाई क्षेत्र पर राज होना बेहद जरूरी है। ऐसे में भारत के लिए पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को लेकर काम तेजी से चल रहा है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट की मानें तो 2034 के अंत तक इन विमानों को पूर्ण परिचालन मंजूरी मिल जाएगी और IAF नेटवर्क से जोड़ दिए जाएंगे। जहां 2035 से बेड़े में शामिल करते हुए इनका दुश्मनों के लिए खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल किया जाने लगेगा।
