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एक लाख भारतीयों को नौकरी देना चाहता है ताइवान, तो इस समझौते चीन को होगा दर्द

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 11, 2023, 09:05 AM IST

India Taiwan Deal: ताइवान की आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है, इस देश में युवा कामगारों की जरूरत है, जिसे पूरा करने में भारत सक्षम है। इसे देखते हुए करीब एक लाख श्रमिक समझौते के तहत ताइवान को भारत देने की तैयारी कर रहा है। उम्मीद है कि दोनों पक्षों के बीच दिसंबर, 2023 में समझौते पर हस्ताक्षर होंगे।

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भारत और ताइवान के बीच होने जा रहा अहम समझौता।

Photo : Twitter

World News: भारत और ताइवान के बीच एक अहम समझौता होने जा रहा है, इसके भारत के एक लाख श्रमिकों को ताइवान में नौकरी मिलेगी। ताइवान की आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है और वहां बेरोजगारी दर बिल्कुल निचले स्तर पर है। ताइवान को स्वास्थ्य, मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिकों की आवश्यकता है। इस तरह के कर्मचारी उसे अपने देश में नहीं मिल रहे हैं, ऐसे में समझौते के लिए उसने भारत की तरफ हाथ बढ़ाए हैं। इस समझौते से चीन को मिर्ची लग सकती है।

ताइवान एक लाख भारतीयों को देना चाहता है नौकरी

भारत और ताइवान के बीच ये समझौता जल्द होने की संभावना है, जिसके तहत एक लाख भारतीय नौकरी के लिए ताइवान जाएंगे। आपको याद दिला दें कि हाल ही में इजराइल ने भी एक लाख भारतीयों को नौकरी का ऑफर दिया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में ये बताया गया है कि भारत और ताइवान के बीच अगले महीने नौकरी को लेकर समझौता हो सकता है। समझौते के बाद ताइवाइन में भारतीयों को नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू होगी। इन श्रमिकों को अपने देश के बराबर सैलरी, इंश्योरेंस और अन्य सुविधाएं मुहैया की जाएंगी।

ताइवान में बूढ़ी होती आबादी ने बढ़ाई परेशानी

ताइवान जल्दी ही भारत के कई बड़े शहरों में अपने ऑफिस भी खोल सकता है। भारतीयों को नौकरी देने के लिए ताइवान के एक्सपर्ट इन ऑफिसों में भारतीय इंजीनियरों को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग की ट्रेनिंग भी देंगे। बता दें, ताइवान की 20 प्रतिशत से ज्यादा आबादी अगले दो साल में यानी 2025 तक 80 वर्ष की हो जाएगी। बढ़ती उम्र से ताइवान काफी परेशान है।

भारत-ताइवान के समझौते से चीन को लगेगी मिर्ची?

नौकरी को लेकर भारत और ताइवान के बीच समझौता होने जा रहा है। दोनों देशों के बीच के संबंध लगातार बेहतर हो रहे हैं। व्यापार और निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है। साल 2001 से 2022 तक ताइवान और भारत के बीच कारोबार 1.19 अरब डॉलर बढ़कर 8.4 अरब डॉलर का हो गया है। निश्चित तौर पर ताइवान और भारत के बीच मजबूत होते संबंध से चीन की की नींद उड़ रही होगी।

बाइडन-जिनपिंग व्यापार, ताइवान पर करेंगे बैठक

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग व्यापार, ताइवान तथा वाशिंगटन-बीजिंग संबंधों पर वार्ता करने के लिए कैलिफोर्निया में बुधवार को एक बैठक करेंगे। करीब एक साल में, विश्व के दोनों सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के बीच यह पहली बैठक होगी। व्हाइट हाउस ने कहा है कि कई हफ्तों से यह अनुमान लगाया जा रहा था कि बाइडन और शी सैन फ्रांसिस्को में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग सम्मेलन (एपेक) से इतर बैठक करेंगे।

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