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भारत ने विविधता को अपनी ताकत में बदला, बना सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, CSPOC में बोले पीएम मोदी

28वें सीएसपीओसी को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब भारत स्वतंत्र हुआ, तो एक विविधतापूर्ण देश में लोकतंत्र के सफल होने को लेकर संदेह व्यक्त किए गए थे। आज भारत ने विविधता को अपनी ताकत में बदल दिया और सबसे तेजी से आगे बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।

PM Modi

CSPOC सम्मेलन में पीएम मोदी

Photo : ANI

PM Modi at CSPOC: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में भारत की बढ़ती ताकत और जिम्मेदारी का जिक्र किया। 28वें सीएसपीओसी को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब भारत स्वतंत्र हुआ, तो एक विविधतापूर्ण देश में लोकतंत्र के सफल होने को लेकर संदेह व्यक्त किए गए थे। आज भारत ने विविधता को अपनी ताकत में बदल दिया और सबसे तेजी से आगे बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।

भारत ने विविधता को लोकतंत्र की ताकत में बदल दिया

भारत ने विविधता को अपने लोकतंत्र की ताकत में बदल दिया है और दुनिया को दिखाया है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं और प्रक्रियाएं इसके विकास को स्थिरता, गति और व्यापकता प्रदान करती हैं। राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि भारतीय लोकतंत्र एक विशाल वृक्ष के समान है जिसकी जड़ें गहरी हैं। उन्होंने कहा, जब भारत को स्वतंत्रता मिली, तो कई लोगों को संदेह था कि देश की अपार विविधता के बीच लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं। हालांकि, यही विविधता भारतीय लोकतंत्र की ताकत बन गई।

आशंका थी कि अगर लोकतंत्र जड़ पकड़ भी ले तो...

उन्होंने आगे कहा, यह भी आशंका थी कि अगर लोकतंत्र जड़ पकड़ भी ले, तो भारत को प्रगति करने में संघर्ष करना पड़ेगा। इन शंकाओं के विपरीत, भारत ने यह साबित कर दिया है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं और प्रक्रियाएं इसके विकास को स्थिरता, व्यापकता और गति प्रदान करती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में वाद-विवाद, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने की एक लंबी परंपरा रही है। भारत में लोकतंत्र का अर्थ है अंतिम छोर तक सेवाएं पहुंचाना।

ग्लोबल साउथ के मुद्दों को मजबूती से उठा रहा भारत

उन्होंने यह भी कहा कि भारत वैश्विक मंचों पर वैश्विक दक्षिण यानी ग्लोबल साउथ के मुद्दों को मजबूती से उठा रहा है। उन्होंने कहा, जी20 की अध्यक्षता के दौरान भी भारत ने वैश्विक एजेंडा के केंद्र में वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं को रखा था। 14 से 16 जनवरी तक संसद भवन परिसर में स्थित संविधान सदन में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 60 वक्ता और अध्यक्ष भाग ले रहे हैं। इसमें समकालीन संसदीय मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर विचार-विमर्श किया जा रहा है, जिसमें मजबूत लोकतांत्रिक संस्थानों को बनाए रखने में अध्यक्षों और अध्यक्षों की भूमिका भी शामिल है।

संसदीय कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग, सांसदों पर सोशल मीडिया का प्रभाव, संसद की सार्वजनिक समझ को बढ़ाने के लिए अभिनव रणनीतियां और मतदान से परे नागरिक भागीदारी आदि विषयों पर भी सम्मेलन में चर्चा की जा रही है।

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अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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