India National Mourning 13 July 2026: भारत सरकार ने कतर के पूर्व अमीर (फादर अमीर) शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के प्रति गहरा सम्मान प्रकट करते हुए सोमवार, 13 जुलाई 2026 को पूरे देश में एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। कतर के आधुनिक निर्माता माने जाने वाले शेख हमद का रविवार को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रीय शोक के इस प्रतीक के तौर पर आज देश भर में उन सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) आधा झुका रहेगा, जहां यह नियमित रूप से फहराया जाता है। इसके साथ ही आज के दिन सरकार की ओर से किसी भी प्रकार के आधिकारिक मनोरंजन के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे।
'दूरदर्शी नेता और भारत के सच्चे मित्र': पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर कतर के 'फादर अमीर' के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और भारत-कतर संबंधों को मजबूत करने में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
पीएम मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा, 'एक दूरदर्शी नेता, जिन्होंने कतर को विकास और समृद्धि की महान ऊंचाइयों पर पहुंचाया। हम उन्हें भारत के एक सच्चे मित्र के रूप में याद करते हैं, जिनसे मुझे फरवरी 2024 में मेरी कतर यात्रा के दौरान मिलने का सम्मान मिला था।'
प्रधानमंत्री ने कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, वहां के शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से संवेदना प्रकट करने के लिए केंद्रीय संसदीय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू जल्द ही कतर का दौरा करेंगे।
कतर के इतिहास में शेख हमद का स्वर्णिम युग (1995 - 2013)
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया। उनके 18 साल के शासनकाल को कतर के आधुनिक इतिहास का सबसे क्रांतिकारी दौर माना जाता है।
LNG का वैश्विक पावरहाउस: शेख हमद के नेतृत्व में ही कतर ने अपने विशाल प्राकृतिक गैस भंडारों का दोहन शुरू किया और देखते ही देखते कतर दुनिया का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यातक देश बन गया, जिसने उसे दुनिया के सबसे अमीर देशों की कतार में ला खड़ा किया।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति: उन्होंने कतर की अर्थव्यवस्था को वैश्विक निवेश से जोड़ा और शिक्षा, खेल व संस्कृति के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सुधार किए। उनके निधन पर कतर में भी रविवार से चार दिवसीय सार्वजनिक शोक की घोषणा की गई है।
भारत-कतर संबंधों की मजबूत नींव
शेख हमद के शासनकाल के दौरान ही भारत और कतर के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंधों को एक नई दिशा मिली थी। भारत के प्रति उनके विशेष लगाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान तीन बार (1999, 2005 और 2012) भारत की आधिकारिक यात्राएं कीं, जिससे दोनों देशों के आर्थिक और ऊर्जा समझौते मजबूत हुए।
उनके शासनकाल में कतर के भीतर भारतीय प्रवासियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई, जिन्हें कतर के विकास में भागीदार बनने के लिए उन्होंने हमेशा प्रोत्साहित किया। आज उसी प्रगाढ़ रिश्ते के सम्मान में भारत अपनी कूटनीतिक परंपराओं के तहत कतर के इस महान नेता को नमन कर रहा है।
