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इस साल प्रचंड गर्मी के आसार, होगी 10 प्रतिशत अधिक बिजली की मांग , विशेषज्ञों ने चेताया

वर्तमान में उद्योग, घरेलू उपभोग और कृषि क्षेत्र की कुल बिजली खपत में क्रमशः 33 प्रतिशत, 28 प्रतिशत और 19 प्रतिशत हिस्सेदारी है। दिल्ली स्थित शोध संस्थान काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर में वरिष्ठ कार्यक्रम प्रमुख दिशा अग्रवाल के मुताबिक, पिछले एक दशक में घरेलू बिजली की मांग सबसे तेजी से बढ़ी है।

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प्रचंड गर्मियों में बढ़ेगी बिजली की मांग

Photo : iStock

Power Demand Surge in 2025: देश में इस साल अधिक गर्मी पड़ने के मौसमी अनुमानों को देखते हुए विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि भारत को इस गर्मी में बिजली की अधिकतम मांग में नौ से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। पिछले साल अखिल भारतीय स्तर पर बिजली की अधिकतम मांग 30 मई को 250 गीगावाट को पार कर गई थी जो अनुमान से 6.3 प्रतिशत अधिक थी। जलवायु परिवर्तन से बढ़ रही गर्मी का तनाव बिजली की मांग को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में से एक है।

बढ़ते तापमान के कारण घरों व दफ्तरों को ठंडा रखने की कवायद

वर्तमान में उद्योग, घरेलू उपभोग और कृषि क्षेत्र की कुल बिजली खपत में क्रमशः 33 प्रतिशत, 28 प्रतिशत और 19 प्रतिशत हिस्सेदारी है। दिल्ली स्थित शोध संस्थान काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर में वरिष्ठ कार्यक्रम प्रमुख दिशा अग्रवाल के मुताबिक, पिछले एक दशक में घरेलू बिजली की मांग सबसे तेजी से बढ़ी है। घरेलू बिजली की खपत का हिस्सा 2012-13 में 22 प्रतिशत से बढ़कर 2022-23 में 25 प्रतिशत हो गया। यह तेजी आर्थिक वृद्धि और बढ़ते तापमान के कारण घरों एवं दफ्तरों को ठंडा रखने की बढ़ती जरूरतों के कारण है। अग्रवाल ने कहा कि 2024 की गर्मियों में रिकॉर्डतोड़ तापमान के बीच कमरे के एयर कंडीशनर की बिक्री में सालाना आधार पर 40-50 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

9-10 प्रतिशत की बिजली की मांग में वृद्धि के लिए रहें तैयार

उन्होंने कहा, भारत को अब लंबी गर्मी और 9-10 प्रतिशत की बिजली की मांग में वृद्धि के लिए तैयार रहना चाहिए। हालांकि, हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि यह चरम मांग केवल थोड़े समय तक ही रहेगी। अग्रवाल ने कहा कि भारत की बिजली की खपत 2020-21 से सालाना लगभग नौ प्रतिशत की दर से बढ़ रही है, जबकि इससे पहले के दशक में यह पांच प्रतिशत प्रति वर्ष थी। पिछले सप्ताह नैचुरल रिसोर्स डिफेंस काउंसिल की तरफ से आयोजित एक सम्मेलन में विशेषज्ञों ने गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने के कारण एयर कंडीशनिंग की मांग बढ़ने को लेकर चिंता जताई।

भारत में बिकता है हर 15 सेकंड में एक एसी

विश्व बैंक में दक्षिण एशिया के लिए ढांचागत नीति एवं वित्त के प्रबंधक आभास झा ने कहा कि मध्यम उत्सर्जन परिदृश्य के तहत, भारत में लू चलने के मामले तिगुना होने के आसार हैं। उन्होंने कहा, भारत वैश्विक स्तर पर एयर कंडीशनर का सबसे बड़ा बाजार बनने के लिए तैयार है। हर 15 सेकंड में भारत में एक एसी बेचा जाता है। देश में एसी की पहुंच वर्तमान में लगभग आठ प्रतिशत है जबकि विकसित देशों में यह 90 प्रतिशत है। ऐसे में भारत में एसी की पहुंच बढ़ने जा रही है।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में ऑक्सफोर्ड इंडिया सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की शोध निदेशक ऋषिका खोसला ने कहा, संख्या बढ़ने के बावजूद 2050 में दो से पांच अरब लोगों की एयर कंडीशनर तक पहुंच नहीं होगी। मौसम विज्ञान विभाग ने मार्च से मई तक चलने वाले गर्मी के मौसम के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान का अनुमान लगाया है। (PTI-Bhasha)

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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