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ज्वाइंट मून मिशन पर काम करेंगे भारत-जापान, Aditya L-1 के आंकड़ों से सुलझाएंगे नए रहस्य

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Aug 10, 2023, 02:31 PM IST

​भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) भविष्य के मिशनों से डेटा साझा करने की योजना बना रहे हैं, जो अंतरिक्ष विज्ञान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के एक नए युग का प्रतीक है।

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Photo : PTI

ISRO And JAXA: अंतरिक्ष में भारत की लंबी छलांग के बाद अब दूसरे देश भी इसरो के साथ मिलकर काम करने के लिए बेताब हैं। इसी सिलसिले में जापान भी अब इसरो के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने जा रहा है। भारत और जापान अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अपने सहयोग को गहरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। दोनों एक ज्वाइंट चंद्रमा मिशन पर एक साथ काम कर रहे हैं।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) भविष्य के मिशनों से डेटा साझा करने की योजना बना रहे हैं, जो अंतरिक्ष विज्ञान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के एक नए युग का प्रतीक है। यह घोषणा इसरो प्रमुख एस सोमनाथ और जापान के राष्ट्रीय खगोलीय वेधशाला के महानिदेशक और राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति पर जापान की कैबिनेट समिति के उपाध्यक्ष डॉ. साकू त्सुनेका के बीच एक बैठक के बाद हुई। यह बैठक इसरो मुख्यालय में हुई।

LUPEX मिशन पर खास चर्चा

चर्चा इसरो और संस्थान स्तर सहित विभिन्न स्तरों पर भारत-जापान अंतरिक्ष विज्ञान सहयोग के इर्द-गिर्द घूमती रही। चर्चा का एक मुख्य बिंदु प्रस्तावित संयुक्त चंद्र ध्रुवीय अन्वेषण (LUPEX) मिशन था, जो एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसका उद्देश्य चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों की खोज करना है। LUPEX मिशन के अगले कुछ वर्षों में लॉन्च होने की उम्मीद है। इसमें एक भारतीय चंद्र लैंडर और एक जापानी रोवर ले जाने वाला एक जापानी रॉकेट शामिल होगा। मिशन का प्राथमिक उद्देश्य चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों में पानी की उपस्थिति की पुष्टि करना है।

आदित्य एल1 मिशन डेटा का इस्तेमाल होगा

LUPEX मिशन के अलावा संभावित सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की गई। इनमें सूर्य का अध्ययन करने के उद्देश्य से आदित्य एल1 मिशन और चंद्रयान-3 मिशन के डेटा का इस्तेमाल, चांद के अन्वेषण के लिए एक छोटे लैंडर का विकास और क्वाड स्पेस वर्किंग ग्रुप के तहत संयुक्त गतिविधियां शामिल हैं। इस महीने के अंत में या सितंबर की शुरुआत में लॉन्च होने वाला आदित्य-एल1 मिशन सूर्य और सौर कोरोना का निरीक्षण करने वाला भारत का पहला अंतरिक्ष मिशन है। इस बीच 14 जुलाई को लॉन्च किया गया चंद्रयान-3 चंद्र मिशन सफलतापूर्वक चंद्र कक्षा में प्रवेश कर गया है। लैंडर के 23 अगस्त को चंद्र सतह पर उतरने की उम्मीद है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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