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अप्रैल में टूटा गर्मी का रिकॉर्ड! दुनिया के 50 सबसे गर्म शहर भारत में दर्ज, यूपी का ये जिला बना धरती का सबसे गर्म शहर

IMD Heat Alert: अप्रैल 2026 में भारत ने भीषण गर्मी का सामना किया। एक दिन ऐसा रहा जब दुनिया के 50 सबसे गर्म शहर भारत में दर्ज किए गए। उत्तर प्रदेश का बांदा सबसे गर्म शहर बना।

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बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा खतरा

Photo : PTI

IMD Heat Alert: इस साल अप्रैल महीने में भारत में गर्मी ने लोगों को बुरी तरह परेशान किया। हालात इतने गंभीर हो गए कि एक दिन दुनिया के 50 सबसे गर्म शहर केवल भारत में दर्ज किए गए। वायु गुणवत्ता और मौसम से जुड़े आंकड़े जुटाने वाले प्लेटफॉर्म AQI के अनुसार, 27 अप्रैल को भारत के कई शहरों में तापमान बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सामान्य गर्मी नहीं थी और इसके पीछे जलवायु परिवर्तन एक बड़ी वजह हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश का बांदा शहर उस दिन दुनिया का सबसे गर्म शहर रहा। यहां तापमान करीब 115 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच गया।

अब अप्रैल में ही टूटने लगे रिकॉर्ड

रात में भी लोगों को राहत नहीं मिली, क्योंकि तापमान (Heatwave Alert) बहुत ज्यादा बना रहा। दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और अन्य कई राज्यों में भी लोगों को तेज गर्मी और लू का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में हर साल गर्मी पहले से ज्यादा तेज और लंबी होती जा रही है। पहले मई और जून सबसे ज्यादा गर्म माने जाते थे, लेकिन अब अप्रैल में ही रिकॉर्ड टूटने लगे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसका असर आम लोगों की जिंदगी, खेती और स्वास्थ्य पर साफ दिखाई दे रहा है। भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों पर पड़ता है।

लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक और कई गंभीर बीमारियों का खतरा

लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खेती करने वाले किसानों के लिए भी यह स्थिति मुश्किल बनती जा रही है, क्योंकि तेज गर्मी फसलों को नुकसान पहुंचाती है और पानी की कमी बढ़ाती है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग ने भी कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना जताई है। साथ ही अल नीनो जैसे मौसमीय बदलावों के कारण मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे सूखे और पानी की कमी का खतरा बढ़ जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते जलवायु संकट पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले वर्षों में भारत में गर्मी और भी ज्यादा खतरनाक रूप ले सकती है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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